चंदौली से अमन खोलता था बैंक खाते, सोनू तक पहुंचाता था दस्तावेज, 16 राज्यों में फैला साइबर ठगी का जाल

UP News: उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से एक बड़े साइबर ठगी रैकेट का पर्दाफाश हुआ है. पुलिस ने ऐसे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है जो 16 राज्यों में फैलाकर 29 लाख रुपये की ठगी करते थे. यह गिरोह लोगों को लोन, नौकरी और डिलीवरी के नाम पर निशाना बनाता था.

UP Crime News: उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में पुलिस ने साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे बैंक खातों के नेटवर्क का खुलासा किया है. अलीनगर पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने साइबर फ्रॉड गिरोह से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, गिरोह का नेटवर्क देश के 16 राज्यों तक फैला था और 17 बैंक खातों से जुड़ी 76 साइबर फ्रॉड शिकायतों में करीब 29 लाख रुपये की ठगी सामने आई है.

बैंक खातों के जरिए होता था रकम का लेन-दे

पुलिस ने बिहार के नवादा निवासी 30 वर्षीय नीतीश कुमार और चंदौली के सकलडीहा कोर्ट निवासी 27 वर्षीय अमन शर्मा को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास से आठ बैंक खाता संबंधी दस्तावेज, पांच पासबुक, एक चेकबुक, डेबिट कार्ड, सिम कार्ड, स्मार्टफोन, नकदी और कूटरचित आधार कार्ड बरामद किए गए हैं. पुलिस ने बरामद बैंक खातों की जानकारी NCRP पोर्टल से मिलान की, जिसमें करीब 7 लाख 20 हजार 725 रुपये की साइबर ठगी से जुड़ी रकम का पता चला.

अमन खुलवाता था बैंक खाते, सोनू तक पहुंचाता था दस्तावेज

जांच में सामने आया कि अमन शर्मा अलग-अलग स्थानों पर जाकर अपने और अन्य लोगों के नाम से विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाता था. खाते खुलने के बाद वह पासबुक, चेकबुक, डेबिट कार्ड और सिम कार्ड अपने पास रखता था. इसके बाद इन बैंकिंग दस्तावेजों और खातों को नीतीश कुमार के जरिए बिहार के नवादा निवासी सोनू सिंह तक पहुंचाया जाता था. पुलिस के अनुसार, इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से हासिल रकम के लेन-देन के लिए किया जाता था.

लोन, डिलीवरी और नौकरी के नाम पर लोगों को बनाया निशाना

पुलिस के मुताबिक, गिरोह अलग-अलग तरीकों से लोगों को झांसे में लेकर साइबर ठगी करता था. बजाज फाइनेंस के नाम पर लोन, Meesho डिलीवरी पार्सल भुगतान, फेसबुक विज्ञापन, पार्ट-टाइम जॉब और निवेश के नाम पर लोगों से पैसे ठगे जाते थे. जांच में इन बैंक खातों का इस्तेमाल कई राज्यों में लोन फ्रॉड, डिलीवरी फ्रॉड और यूपीआई धोखाधड़ी की रकम प्राप्त करने के लिए किए जाने की जानकारी सामने आई है.

फर्जी आधार कार्ड से छिपाते थे पहचान, तलाश जारी है

पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से फर्जी आधार कार्ड भी बरामद हुए. इन आधार कार्डों पर फोटो आरोपियों की लगी थी, जबकि नाम और पता दूसरे लोगों का दर्ज था. इन फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल पहचान छिपाने और पुलिस से बचने के लिए किया जाता था. पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर साइबर ठगी नेटवर्क की अन्य कड़ियों का पता लगा रही है. वहीं, इस नेटवर्क में अहम भूमिका निभाने वाले बताए जा रहे सोनू सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है.

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By अंजली कश्यप

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