UP News: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में बबेरू रूट पर चल रही एक निजी बस कथित तौर पर खराब हेडलाइट के कारण टॉर्च की रोशनी के सहारे चलती दिखाई दे रही है. करीब 40 सेकेंड के इस वीडियो के सामने आने के बाद निजी बसों की फिटनेस, परिवहन विभाग की निगरानी और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं.
टॉर्च की रोशनी में चलती दिखी बस
वायरल वीडियो में बस की आगे वाली सीट पर बैठा एक व्यक्ति टॉर्च की रोशनी से चालक को रास्ता दिखाता नजर आ रहा है. बस में कई यात्री भी सवार हैं. वीडियो में बस के पीछे 'मां मढ़ी दाई ट्रैवल्स, बबेरू' लिखा दिखाई देता है. दावा किया जा रहा है कि यह बस बांदा-बबेरू रूट पर बिना हेडलाइट के रात में टॉर्च की रोशनी के सहारे चलाई जा रही थी. रास्ते में आने वाले जानवरों को भी टॉर्च की रोशनी दिखाकर हटाने की कोशिश की गई.
वायरल वीडियो के बाद उठे सुरक्षा पर सवाल
वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने सार्वजनिक परिवहन से जुड़े वाहनों की नियमित फिटनेस जांच की मांग उठाई है. सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सवाल किया कि खराब हेडलाइट के बावजूद बस को आगे क्यों चलाया गया और यात्रियों की सुरक्षा को जोखिम में क्यों डाला गया. साथ ही यह भी चर्चा का विषय बना कि बस में मौजूद यात्रियों ने इसका विरोध क्यों नहीं किया.
ARTO ने दी घटना की जानकारी
मामले में एआरटीओ श्यामलाल ने बताया कि रविवार को बांदा से बबेरू जा रही बस की हेडलाइट मुरवल के पास अचानक खराब हो गई थी. इसके बाद बस को मुरवल चौकी के पास रोक दिया गया, लेकिन यात्रियों के हंगामे के कारण पुलिस ने टॉर्च उपलब्ध कराई, जिसकी मदद से बस को बबेरू तक पहुंचाया गया. उन्होंने बताया कि बस के फिटनेस, बीमा, परमिट और प्रदूषण प्रमाणपत्र सहित सभी आवश्यक दस्तावेज वैध पाए गए हैं. हालांकि, वीडियो वायरल होने के बाद पूरे मामले की जांच की मांग उठ रही है.
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