चंदौली में एक के बाद एक भैंस हो रही चोरी, चोर पकड़े गए फिर भी पशुओं का पता नहीं

UP News: चंदौली में भैंस चोरी की घटनाओं ने किसानों की रातों की नींद उड़ा दी है. रात के अंधेरे में घरों के बाहर बंधी लाखों की भैंसें चोरी हो रही हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. ग्रामीण अब कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

UP News: चंदौली के अलीनगर, चकिया, इलिया और शाहबगंज थाना क्षेत्रों में लगातार हो रही भैंस चोरी की घटनाओं ने किसानों और पशुपालकों की चिंता बढ़ा दी है. ग्रामीणों का कहना है कि रात के अंधेरे में घरों और दरवाजों के बाहर बंधी भैंसों को चोर खोलकर ले जा रहे हैं. कई मामलों में चोरों ने बड़ी और महंगी भैंसों को ही निशाना बनाया. 4 अप्रैल से 30 जुलाई के बीच करीब 25 से 30 भैंस चोरी होने का दावा किया गया है.

दो से तीन लाख तक की भैंसें चोरी

ग्रामीणों के मुताबिक चोरी हुई भैंसों की कीमत दो से तीन लाख रुपये तक है, जिससे पीड़ित परिवारों को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है. पशुपालन ग्रामीणों की आय का महत्वपूर्ण साधन है और कई परिवार दूध बेचकर घर का खर्च चलाते हैं. ऐसे में एक साथ दो भैंसों की चोरी उनके लिए गंभीर संकट बन गई है. ग्रामीण राजेश द्विवेदी के अनुसार लगातार घटनाओं से परेशान लोगों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा.

रात में घर के पीछे से ले गए भैंसें

इलिया थाना क्षेत्र के रहने वाले गुड्डू ने बताया कि 12 मई की रात करीब एक से दो बजे के बीच उनके घर के पीछे बंधी दो भैंसें चोरी हो गईं. इनमें एक करीब आठ महीने की गाभिन थी, जबकि दूसरी दो दांत की पड़िया थी. दोनों की कुल कीमत करीब ढाई लाख रुपये बताई गई. सुबह उठने पर भैंसें गायब मिलीं. इसके बाद उन्होंने थाने में शिकायत की, लेकिन उनका कहना है कि काफी समय गुजरने के बाद भी बरामदगी नहीं हो सकी.

कई परिवारों ने दर्ज कराई शिकायत

अन्य ग्रामीणों ने भी इसी तरह की घटनाओं का जिक्र करते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है. सत्येंद्र कुमार के मुताबिक उनके दरवाजे पर कई भैंसें बंधी थीं, लेकिन चोर रात करीब दो से तीन बजे दो बड़ी भैंसें खोलकर ले गए. उनकी कीमत करीब तीन लाख रुपये बताई गई. वहीं शिव चौबे और राम दुलार ने भी दो-दो भैंस चोरी होने की शिकायत की है. पीड़ितों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद उन्हें अब तक स्पष्ट जानकारी नहीं मिली.

चोर पकड़े गए, फिर भैंसें कहां हैं?

ग्रामीणों की सबसे बड़ी नाराजगी इस बात को लेकर है कि पुलिस ने कथित तौर पर चोरों को गिरफ्तार किया, लेकिन चोरी गई भैंसों की बरामदगी अब भी सवाल बनी हुई है. उनका कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के बाद पशुओं का पता लगाया जाना चाहिए. ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन से सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि भैंसों की बरामदगी या नुकसान की भरपाई की मांग की है. फिलहाल जांच और बरामदगी के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी.

यह भी देखें: यूपी में 4200 करोड़ के एक्सप्रेस-वे में गड़बड़ी का शक,आईआईटी गोरखपुर टीम द्वारा पानी भरकर जांची गई गुणवत्ता


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By नटवर कुमार

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >