बिजनौर में पैसों की जरूरत पड़ी तो सड़क से पकड़ा गौवंशीय पशु, जंगल में किया वध... फिर देहरादून पहुंचा मांस,ऐसे खुला राज

नजीबाबाद में एक गौवंशीय पशु के रहस्यमयी ढंग से गायब होने और जंगल में उसके अवशेष मिलने की घटना ने सनसनी फैला दी है. पुलिस जांच में सामने आया कि पैसों की जरूरत पूरी करने के लिए पशु को मारकर उसका मांस देहरादून में बेचा गया.

UP Crime News: सड़क पर घूम रहा एक गौवंशीय पशु अचानक गायब हुआ. कुछ समय बाद उसके अवशेष जंगल में मिले. जांच आगे बढ़ी तो कथित तौर पर पैसों की जरूरत पूरी करने के लिए पशु को पकड़कर उसका वध करने और मांस देहरादून ले जाकर बेचने की बात सामने आई. नजीबाबाद में हुई इस घटना का पुलिस ने खुलासा किया है. मामले में अब तक तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है.

बाग में मिले पशु के अवशेष, जांच में खुले राज

नजीबाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम मौज्जमपुर तुलसी स्थित एक बाग में 31 अगस्त 2026 को गौवंशीय पशु के अवशेष मिले थे. सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की. इस मामले में थाना नजीबाबाद में मुकदमा अपराध संख्या 427/2026 दर्ज किया गया. मुकदमा गौवध निवारण अधिनियम की धारा 3/5/8 के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुआ. घटना के खुलासे के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गईं.

सड़क से पशु पकड़कर जंगल ले जाने का आरोप

पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान इदरीश, शहनवाज और मुजम्मिल समेत कुछ अन्य लोगों के नाम सामने आए. पूछताछ में पुलिस को कथित तौर पर पता चला कि 30 और 31 अगस्त की रात आरोपियों ने सड़क पर घूम रहे एक आवारा गौवंशीय पशु को पकड़ा था. इसके बाद उसे मौजमपुर तुलसीगढ़ी के जंगल में ले जाया गया. वहीं उसका वध करने का आरोप है. पुलिस का दावा है कि इसके बाद मांस वाहन में भरकर देहरादून ले जाया गया और वहां बेच दिया गया.

मांस बेचकर रकम बांटने का पुलिस का दावा

पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पूछताछ में पैसों की जरूरत होने की बात बताई. कथित तौर पर मांस बेचने से मिली रकम को आरोपियों और उनके साथियों के बीच बांटा गया. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस घटना में और कौन लोग शामिल थे. मांस किसे और कहां बेचा गया, इसकी भी जांच की जा रही है. पुलिस पूछताछ में सामने आए दावों की स्वतंत्र न्यायिक पुष्टि अभी बाकी है.

मुठभेड़ में मुजम्मिल गिरफ्तार, पैर में लगी गोली

पुलिस ने 5 सितंबर को इदरीश और शहनवाज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. इसके बाद 6 सितंबर को अन्य आरोपियों की तलाश जारी थी. पुलिस के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ आरोपी बाइक से ग्राम कल्हेड़ी में मालन नदी के पास से हाईवे की ओर आने वाले हैं. पुलिस ने घेराबंदी की. पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में मुजम्मिल के बाएं पैर में गोली लगी. उसे घायल हालत में गिरफ्तार कर अस्पताल भेजा गया. उसके कुछ साथी अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए.

तमंचा और पशुवध के उपकरण बरामद

पुलिस के मुताबिक मुजम्मिल के पास से 315 बोर का अवैध तमंचा, दो खोखा कारतूस और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ. इसके अलावा बिना नंबर प्लेट की हीरो स्प्लेंडर बाइक, प्लास्टिक का कट्टा, रस्सा, छुरी और चापड़ भी मिला. मुठभेड़ के संबंध में नजीबाबाद थाने में मुकदमा अपराध संख्या 443/2026 दर्ज किया गया है. इसमें बीएनएस और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है. पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश के साथ पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है.

Also Read: मिट्टी का घर बना कब्र, मलबे में दबा परिवार... पुलिस एक घंटे लेट, क्या बच सकती थीं 3 जिंदगियां?

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By अंजली कश्यप

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >