UP News: बलिया के बांसडीह तहसील स्थित भोजपुरवा गांव में सरयू नदी का कटान लगातार तेज हो गया है. हालात ऐसे हैं कि ग्रामीण अपने ही हाथों से वर्षों की मेहनत से बने मकानों को गिराने पर मजबूर हैं, ताकि बचा हुआ सामान सुरक्षित स्थान पर ले जा सकें. प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है. कटान ने बढ़ाई ग्रामीणों की चिंता भोजपुरवा गांव में सरयू नदी की तेज धारा लगातार जमीन काट रही है. ग्रामीणों का कहना है कि नदी तेजी से आबादी की ओर बढ़ रही है. कई परिवारों ने बुलडोजर और अन्य साधनों की मदद से अपने मकान खुद ही तोड़ना शुरू कर दिया है, ताकि निर्माण सामग्री और घरेलू सामान को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके. कटान का कहर ऐसा है कि भोजपुरवा में 100 से ज्यादा परिवार अपने घरों को खुद ही तोड़ रहे हैं. वहीं, गोपालनगर टाड़ी में कई मकान सरयू नदी निगल चुकी है.
कई परिवारों पर विस्थापन का संकट
गांव के लोगों का कहना है कि कटान के कारण बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हुए हैं. ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सुरक्षित ठिकाने की है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते प्रभावी कटानरोधी कार्य किए गए होते तो हालात इतने गंभीर नहीं होते.
डीएम ने किया दौरा, राहत का दिया भरोसा
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने प्रभावित इलाके का निरीक्षण किया. अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों को राहत, भोजन, अस्थायी आवास और नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है. प्रशासन का कहना है कि कटान प्रभावितों की हरसंभव मदद की जाएगी और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है.
हर साल कटान बनता है बड़ी चुनौती
बलिया का दियारा क्षेत्र लगभग हर वर्ष सरयू और गंगा के कटान से प्रभावित होता है. बरसात के मौसम में जलस्तर बढ़ने के साथ कई गांवों में जमीन और मकानों पर खतरा बढ़ जाता है. ग्रामीण लंबे समय से स्थायी कटानरोधी उपायों की मांग करते रहे हैं.
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