UP Politics: गंगा कटान से बेहाल बलिया के ब्यासी गांव में उस समय माहौल गर्म हो गया, जब उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह कटान प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने पहुंचे. वर्षों से गंगा की कटान झेल रहे ग्रामीणों, खासकर महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा. महिलाओं ने मंत्री की गाड़ी रोककर उनका घेराव किया और स्थायी कटान रोधी परियोजना की मांग को लेकर जमकर विरोध जताया.
हर साल मिलता है सिर्फ आश्वासन, अब चाहिए स्थायी समाधान
प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने कहा कि गंगा कटान ने उनकी खेती, मकान और आजीविका को बर्बादी के कगार पर पहुंचा दिया है. हर वर्ष जनप्रतिनिधि और अधिकारी आते हैं, आश्वासन देकर चले जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई स्थायी काम नहीं होता. महिलाओं ने मंत्री से दो टूक कहा कि अब सिर्फ वादे नहीं, कटान रोकने की लिखित गारंटी चाहिए.
कुछ देर तक तनावपूर्ण रही स्थिति
ग्रामीणों के विरोध के चलते मौके पर कुछ देर तक तनाव का माहौल बना रहा. सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति संभाली और मंत्री के काफिले को वहां से सुरक्षित निकाला. इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे.
कटान प्रभावित इलाके का निरीक्षण करने पहुंचे थे मंत्री
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह अपने विधानसभा क्षेत्र के गंगा किनारे बसे ब्यासी गांव में कटान प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने पहुंचे थे. ग्रामीणों ने उन्हें गंगा कटान से हो रहे नुकसान की जानकारी दी और जल्द से जल्द स्थायी कटान रोधी कार्य शुरू कराने की मांग उठाई.
हर साल कटान से जूझते हैं गंगा किनारे के गांव
बलिया के गंगा तटवर्ती कई गांव हर वर्ष कटान की चपेट में आते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि अस्थायी बचाव कार्यों से समस्या का समाधान नहीं होगा. जब तक स्थायी कटान रोधी परियोजना लागू नहीं होती, तब तक हर बरसात में गांवों पर संकट मंडराता रहेगा.
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