बलिया में शाम होते ही छा जाता है अंधेरा, 60 गांवों में रातभर बिजली की आंख-मिचौली से हजारों लोग गर्मी में बेहाल, आखिर कब मिलेगी राहत?

उत्तर प्रदेश के 60 से अधिक गांवों में पिछले तीन हफ्तों से भीषण बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है. करीब 52 हजार की आबादी गर्मी और अंधेरे में बेहाल है. ग्रामीण नियमित आपूर्ति की मांग कर रहे हैं.

UP News: उमस भरी रात, पसीने से बेहाल बच्चे और हाथ के पंखे से हवा करती महिलाएं. घरों में लगे पंखे-कूलर बिजली का इंतजार कर रहे हैं. दिघार स्थित 132/33 केवी विद्युत उपकेंद्र से जुड़े 60 से अधिक गांवों में पिछले तीन सप्ताह से कुछ ऐसा ही हाल है. करीब 52 हजार की आबादी सात से आठ घंटे की अघोषित बिजली कटौती झेल रही है. रात में बिजली आती भी है, तो बार-बार ट्रिपिंग लोगों की परेशानी और बढ़ा देती है.

रातभर चलती रहती है बिजली की आंख-मिचौली

ग्रामीणों के अनुसार शाम करीब छह बजे बिजली कटने के बाद रात 8:30 से नौ बजे के बीच आपूर्ति बहाल होती है. इसके बाद फिर रात 11 बजे तक बिजली गुल रहती है. कुछ देर बिजली मिलने के बाद दो बजे तक दोबारा कटौती होती है. रात करीब दो बजे लगभग 15 मिनट के लिए आपूर्ति आती है. फिर सुबह चार बजे तक बिजली बाधित रहती है.

40-45 मिनट की आपूर्ति में भी कई बार ट्रिपिंग

ग्रामीणों का कहना है कि 40 से 45 मिनट तक बिजली मिलने पर भी राहत नहीं मिलती. इस दौरान चार से पांच बार ट्रिपिंग हो जाती है. उमस भरी रातों में बच्चे गर्मी से परेशान रहते हैं. बुजुर्गों को भी काफी दिक्कत हो रही है. घरों में पंखे और कूलर बिजली के अभाव में बेकार पड़े हैं.

नियमित आपूर्ति नहीं मिली तो आंदोलन की चेतावनी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ग्रामीण बसंत सिन्हा, संतोष पांडेय, उमेश यादव, दशरथ मिश्र, नागेंद्र सिंह, कौशल पांडेय और प्रभुनाथ ओझा ने ग्रामीण रोस्टर के अनुसार नियमित बिजली आपूर्ति की मांग की है. ग्रामीणों ने कहा कि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो विद्युत विभाग के कार्यालय का घेराव किया जाएगा. इसके साथ ही आंदोलन की चेतावनी भी दी गयी है.

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By अंजली कश्यप

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