UP News: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के गड़वार विकासखंड स्थित सिंहपुर गांव में सरकारी भूमि और बहुचर्चित 52 बीघा पोखरा पर कथित अवैध कब्जे का मामला अब शासन स्तर तक पहुंच गया है. पूर्व आईजी एवं आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने इस संबंध में उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को शिकायती पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि एसडीएम (सदर), बलिया के स्पष्ट आदेश के बावजूद एक माह बीत जाने के बाद भी न तो सरकारी भूमि का सीमांकन कराया गया और न ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई. अमिताभ ठाकुर ने अपने पत्र में कहा है कि 6 जून 2026 को एसडीएम (सदर), बलिया ने सरकारी भूमि का सीमांकन कर अवैध कब्जे हटाने के लिए संयुक्त राजस्व टीम गठित करते हुए एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई के निर्देश दिए थे. इसके बावजूद आज तक आदेश का पालन नहीं हुआ, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
सार्वजनिक संपत्तियों पर कब्जे का आरोप
शिकायत में दावा किया गया है कि सिंहपुर गांव की सार्वजनिक भूमि, 52 बीघा पोखरा, तालाब, प्राथमिक विद्यालय और पंचायत भवन से जुड़ी सरकारी जमीन पर लंबे समय से अवैध कब्जे की शिकायतें लंबित हैं. आरोप है कि स्थानीय राजस्व अधिकारियों की निष्क्रियता के कारण सरकारी आदेश भी कागजों तक सीमित रह गए हैं.
मुख्य सचिव से की सख्त कार्रवाई की मांग
पूर्व आईजी अमिताभ ठाकुर ने मुख्य सचिव से मांग की है कि मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए. साथ ही अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, एसडीएम के आदेश के अनुपालन में हुई देरी की जांच कराने तथा जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उनके विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है. यह मामला अब शासन स्तर पर पहुंचने के बाद जिले के प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली और सरकारी भूमि संरक्षण को लेकर नई बहस छिड़ सकती है . अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मुख्य सचिव के स्तर से इस बहुचर्चित 52 बीघा पोखरा अतिक्रमण प्रकरण में क्या कार्रवाई होती है.
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