UP Chunav 2022: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के चुनावी दंगल जारी है. यहां तीन चरणों में चुनाव हो चुके है. जिसके बाद आज चौथे चरण का मतदान हुआ. पीलीभीत जिले में आने वाले सदर विधानसभा सीट पर भी चौथे चरण में मतदान हुआ. पीलीभीत जिले में शाम 5 बजे तक 61.33 प्रतिशत मतदान हुआ. वहीं साल 2017 में यहां 67.05 प्रतिशत वोटिंग हुई
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत शहर विधानसभा का गठन 1957 में हुआ था. यह शहर उत्तराखंड की सीमा पर है. यह तराई का इलाका कहलाता है. पीलीभीत शहर विधानसभा से सबसे पहले चुनाव में कांग्रेस के निरंजन सिंह विधायक चुने गए. 2017 में भाजपा के संजय सिंह गंगवार को बड़ी जीत मिली थी.
पीलीभीत शहर का सियासी इतिहास
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2017- संजय सिंह गंगवार- भाजपा
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2012, 2007, 2002- रियाज अहमद- सपा
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1996- राजराय सिंह- भाजपा
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1993, 1991- बीके गुप्ता- भाजपा
पीलीभीत शहर के मौजूदा विधायक
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संजय सिंह गंगवार ग्रेजुएट हैं. वो दो बार भाजपा के टिकट पर शहर सीट से चुनाव लड़ चुके हैं. पहली बार चुनाव हार गए थे. दूसरी बार बड़े अंतर से चुनाव जीता.
जातिगत आंकड़े (अनुमानित)
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दलित- 62 हजार
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कुर्मी- 45 हजार
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किसान- 24 हजार
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सिख- 16 हजार
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यादव- 11 हजार
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ब्राह्मण- 10 हजार
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मौर्य- 9 हजार
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वैश्य- 9 हजार
पीलीभीत शहर के मतदाता
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कुल मतदाता- 3,75,568
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पुरुष- 1,98,958
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महिला- 1,76,587
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थर्ड जेंडर- 23
पीलीभीत शहर की जनता के मुद्दे
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सड़कों पर जाम की बड़ी समस्या रहती है.
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सीवर ना होने के कारण जलभराव होता है.
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बड़े उद्योग-धंधे नहीं होने से बेरोजगारी है.
