Agra News: महिलाओं के मन में छुपी हुई बात और औरत को ताकत को ढूंढने के लिए अब उसकी मदद सईयारा करेगी. साथ ही नकारात्मक परिस्थिति में भी सकारात्मक रहने की कला सिखाएगी और नारी की खुद से पहचान भी कराएगी. आगरा के सूरसदान में 9 दिसंबर को शाम को सईयारा नाटक का मंचन किया जाएगा. जिसमें एंट्री बिल्कुल फ्री होगी और पास कार्ड के द्वारा की जाएगी.
क्या है सईयारा की कहानी
आगरा की स्पाइसी शुगर संस्था कि पूनम सचदेवा और अशोक ग्रुप ऑफ़ कंपनीज की डॉक्टर रंजना बंसल ने बताया कि सईयारा एक ऐसी महिला की कहानी है जो सपने देखती है और उन्हें पूरा करने की हिम्मत भी रखती है. वह अपने परिवार को महत्व देने के साथ ही अपनी आवाज और अपने व्यक्तित्व के लिए भी सम्मान की मांग रखती है.
उन्होंने बताया कि इतिहास में हमारे देश में महिलाओं की स्थिति अच्छी नहीं थी. महिला अपने आप में शक्ति का स्वरुप है लेकिन आजकल की महिलाएं अपनी खुद की शक्ति को पहचान नहीं पा रही है. आजकल महिलाएं परिवार के साथ-साथ व्यवसाय और नौकरी जैसी जिम्मेदारियां भी संभाल रही है. हर रिश्ते में रंग भरने का काम भी कर रही है.
अशोक ग्रुप ऑफ़ कंपनीज की डॉक्टर रंजना बंसल ने क्या कहा
डॉ रंजना बंसल ने बताया कि सईयारा कहानी महिला के जीवन पर निर्भर है. यह एक सोलो प्ले हैं और काफी महत्वपूर्ण है. स्त्री व पुरुष एक चिड़िया के उन दो पंखों के समान हैं जिनके बिना हमारा समाज और देश कभी तरक्की की उड़ान नहीं भर सकता.
9 दिसंबर को है कार्यक्रम
वहीं उन्होंने बताया कि बिना किसी प्रतिस्पर्धा के अपनी अपनी जिम्मेदारियों को निभा कर स्त्री और पुरुष समाज के विकास के भागीदार बन सकते हैं. उन्होंने बताया कि सईयारा नाटक अभिनेत्री व रंगमंच की कलाकार जूही बब्बर द्वारा लिखा हुआ निर्देशित किया गया है. जिसका आयोजन सूर सदन में 9 दिसंबर को 6:45 बजे स्पाइसी शुगर संस्था व अशोक ग्रुप ऑफ़ कंपनीज द्वारा कराया जायेगा.
