उत्तर प्रदेश के मुरादनगर में रविवार को एक श्मशान घाट पर छत ढह जाने से 23 लोगों की मौत हो गई, जबकि कम से कम 15 अन्य घायल हो गये. उनमें करीब सभी लोग एक व्यक्ति के अंतिम संस्कार में पहुंचे थे.
पुलिस ने यह जानकारी दी. पुलिस ने बताया कि जब छत ढही, तो बारिश से बचने के लिए कई लोग इमारत के नीचे खड़े थे जिसे हाल ही में बनाया गया था. इस हादसे में जिन लोगों की मौत हुई, वे सभी पुरूष और जयराम के रिश्तेदार या पड़ोसी थे, जिनका उस वक्त वहां अंतिम संस्कार हो रहा था.
बचावकर्मी यह सुनिश्चित करने के लिए घंटों तक मलबा हटाते रहे कि कहीं कोई और उसमें न फंसा हो. यह हादसा मुरादनगर के उखलारसी में हुआ और इस घटना के बाद श्मसान घाट पर सबसे पहले स्थानीय लोग पहुंचे. उसके बाद पुलिस पहुंची और फिर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की इकाई पहुंची.
सभी मलबे से मृतकों एवं घायलों को निकालने में जुट गये. गाजियाबाद ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक इराज राजा ने बताया कि इस घटना में 23 लोगों की मौत होने के अलावा 15 अन्य को घायल अवस्था में विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. शाम तक उनमें से कम से कम 18 की पहचान कर ली गयी.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर दुख प्रकट किया. मोदी ने ट्वीट किया, उत्तर प्रदेश के मुरादनगर में हुए दुर्भाग्यपूर्ण हादसे की खबर से अत्यंत दुख पहुंचा है. राज्य सरकार राहत और बचाव कार्य में तत्परता से जुटी है.
इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं, साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं. आदित्यनाथ ने मृतकों के परिवारों के लिए दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की. मुख्यमंत्री ने मेरठ के संभागीय आयुक्त और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (क्षेत्र) को इस घटना के बारे में रिपोर्ट देने का भी निर्देश दिया है.
केंद्रीय मंत्री और गाजियाबाद के सांसद वी के सिंह तथा पुलिस एवं नागरिक प्रशासन के अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया. उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री एवं स्थानीय भाजपा विधायक अतुल गर्ग ने यहां सरकारी अस्पताल में कुछ घायलों से मुलाकात की.
Posted By – Arbind kumar mishra
