Mathura News: देशभर में रक्षाबंधन की तैयारी जोरों पर है. अधिकतर जगहों पर गुरुवार यानी कल ही भाई-बहन के रिश्ते पर राखी की डोर सजेगी. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कलाई पर भी राखी सजाने की तेयारी पूरी हो चुकी है. पीएम मोदी के लिए इस बार की राखी मथुरा के एक आश्रम में रह रहीं विधवा महिलाओं ने बनाया है.
धर्मनगरी मथुरा के सुलभ इंटरनेशनल के तहत जिले के कई आश्रमों में रहने वाली विधवा माताओं द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए 500 से ऊपर राखियां और 75 तिरंगे तैयार किए गए हैं. जो कि आज बुधवार को प्रधानमंत्री कार्यालय पहुंच जाएंगे. कोरोना काल के 2 साल को छोड़कर हर साल यह माताएं प्रधानमंत्री को अपना भाई मान कर राखियां पीएमओ में भेजती हैं.
सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक डॉक्टर बिंदेश्वर पाठक ने बताया कि हर साल विधवा माताओं द्वारा रक्षाबंधन से पहले राखी बनाने के कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है. मंगलवार को मां शारदा आश्रम में यह आयोजन किया गया जिसमें माताओं द्वारा प्रधानमंत्री के लिए बनाई गई. राखियों को दो टोकरी में सजाया गया जिन्हें बुधवार को प्रधानमंत्री कार्यालय भेजा जाएगा.
विधवा आश्रम में रहने वाली माताएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना भाई मानती हैं. ऐसे में हर साल रक्षाबंधन के लिए राखियां बनाती थीं और उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय भेजती थी, लेकिन पिछले 2 साल से कोरोना के चलते माताओं की राखियां प्रधानमंत्री कार्यालय नहीं जा रही थी. वहीं सुलभ इंटरनेशनल की उपाध्यक्ष विनीता वर्मा ने बताया कि इस बार प्रधानमंत्री कार्यालय में संपर्क किया गया था. इसके बाद कार्यालय से राखियां भेजने के लिए इजाजत मिल गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए तैयार की गई राखियों को बुधवार को दिल्ली पीएमओ कार्यालय भेजा जाएगा.
सुलभ आंदोलन के संस्थापक और सामाजिक सुधारक डॉ बिंदेश्वर पाठक ने बताया कि वृंदावन में रहने वाली विधवा महिलाओं के लिए सभी महत्वपूर्ण हिंदू अनुष्ठान का शुभारंभ किया गया था, जिनमें से रक्षाबंधन भी एक है. उन्होंने बताया कि पहले यहां पर रहने वाली हजारों विधवा माताओं की तरफ से 4-5 माता मोदी जी को राखी बांधने और मिठाई देने के लिए दिल्ली जाती थी.
हर साल की तरह इस बार भी विधवा माताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अलग तरह की राखी तैयार की हैं. आश्रम में रहने वाली 70 वर्षीय गौरवनी दासी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फोटो वाली राखी को स्वयं तैयार किया है. वह खुश हैं कि इस बार उनकी राखी प्रधानमंत्री के लिए जा रही हैं.
रिपोर्ट : राघवेंद्र गहलोत
