नयी दिल्ली : श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद गिरि ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पांच अगस्त को जब प्रधानमंत्री राम मंदिर की आधारशिला रखेंगे, तो उस कार्यक्रम में सिर्फ दो सौ लोग ही उपस्थित होंगे. स्वामी गोविंद ने बताया कि सोशल डिस्टेंसिंग का सही तरीके से पालन करवाने लिए यह व्यवस्था की गयी है. इन दो सौ लोगों में 150 आमंत्रित लोग भी शामिल होंगे.
पांच अगस्त को राम मंदिर की आधारशिला रखने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम लला के दर्शन करेंगे और उनकी पूजा-अर्चना भी करेंगे. वे भगवान हनुमान की पूजा हनुमान गढ़ी में करेंगे. इस कार्यक्रम में सभी मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित किया गया है. स्वामी गोविंद गिरि ने उक्त बातें पुणे में कही.
आधारशिला कार्यक्रम के लिए अयोध्या में व्यापक पैमाने पर तैयारी चल रही है. रामजन्मभूमि के साइट पर इससे पहले तीन दिन तक वैदिक विधिविधान से पूजा की जायेगी. इस वैदिक परंपराओं की शुरुआत तीन अगस्त को होगी और पांच तारीख को भूमि पूजन के बाद इसका समापन होगा. आधारशिला रखने की तिथि और समय का निर्धारण हिंदू कैलेंडर के अनुसार रखा गया है. भूमि पूजन की शुरुआत गणेश पूजा के साथ होगी. उसके दूसरे दिन रामाचार्य पूजा होगी और पांच तारीख को भूमि पूजन होगा.
भूमि पूजन में वाराणसी और अयोध्या के 11 पुजारी शामिल होंगे. इस पूजा में प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से पुजारी मुख्य भूमिका निभायेंगे. हालांकि जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने श्रीराम मंदिर के आधारशिला कार्यक्रम के मुहूर्त पर सवाल उठाया है. उनका कहना है कि पांच अगस्त का मुहूर्त ठीक नहीं है क्योंकि इस दिन दक्षिणायन भाद्रपद मास कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है, जो शास्त्रों के अनुसार मंदिर निर्माण के लिए उचित नहीं है.
कल राम मंदिर के एक न्यासी ने यह जानकारी दी थी कि इस कार्यक्रम में लालकृष्ण आडवाणी सहित राम जन्मभूमि आंदोलन के अग्रिम नेताओं को आने का न्यौता दिया जायेगा. जिनमें मुरली मनोहर जोशी भी शामिल हैं. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के सदस्य कामेश्वर चौपाल ने कहा कि वह लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती और विनय कटियार को आमंत्रित करेंगे.
वर्तमान में भाजपा नेता बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में अदालती सुनवाई का सामना कर रहे हैं. चौपाल ने बताया कि न्यास इस बात को ध्यान में रख रहा है कि पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी और अन्य नेताओं ने राम मंदिर आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाया.
Posted By : Rajneesh Anand
