Kashi Tamil Sangamam: PM मोदी का वणक्कम से हुआ स्वागत, योगी बोले-तमिल और काशी के बीच संबंध बहुत पुराना

सीएम योगी ने राज राजेश्वर की नगरी में काशी तमिल संगमम् के आयोजन के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद कहा. मुख्यमंत्री के संबोधन का तमिल भाषा में अनुवाद कर बोला गया. सीएम योगी ने कहा कि तमिल और काशी के बीच संबंध बहुत पुराना है.

By Prabhat Khabar News Desk | November 19, 2022 2:59 PM

Varanasi News: उत्तर और दक्षिण की संस्कृति को एकाकार करने वाले काशी-तमिल संगमम् का उद्घाटन करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को बीएचयू पहुंचे. मंच पर जैसे ही पीएम मोदी पहुंचे वैसे ही पूरा एंफीथिएटर मैदान वणक्कम-वणक्कम (नमस्ते) की आवाज से गूंज उठा. समारोह में पहुंचे तमिलनाडु के प्रयटकों का उत्साह देखते बन रहा है.

बीएचयू के एंफीथिएटर मैदान में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आ​दित्यनाथ ने अपने संबोधन की शुरुआत वणक्कम..नमस्कारम और हर हर महादेव से की. उन्होंने पीएम मोदी, तमिलनाडु से आए तमाम हस्तियों सहित कार्यक्रम में मौजूद जनसभा का स्वागत और अभिनंनदन किया.

सीएम योगी ने राज राजेश्वर की नगरी में काशी तमिल संगमम् के आयोजन के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद कहा. मुख्यमंत्री के संबोधन का तमिल भाषा में अनुवाद कर बोला गया. सीएम योगी ने कहा कि तमिल और काशी के बीच संबंध बहुत पुराना है. धर्म, संस्कृति और शिक्षा की यह दो नगरी बहुत खास है. आजादी के अमृत काल महोत्सव को यह आयोजन जीवंत कर रहा है. तमिलनाडु में तेनकाशी नामक एक स्थान है, जिसका मतलब दक्षिण का काशी है.

दक्षिण भारत के रंग में रंगे पीएम मोदी

बीएचयू में काशी तमिल संगमम के लिए पीएम मोदी ने खास ड्रेस पहनी है. उनके पहनावे ने सभी का ध्यान खींचा. प्रधानमंत्री मोदी ने तमिलनाडु की पारंपरिक वस्त्र (सफेद शर्ट और लुंगी) धारण किया है. कांधे पर गोल्डेन-व्हाइट गमछा रखा है.

लाल बहादुर शास्त्री और सुब्रह्मण्यम भारती के घर भी जाएंगे मेहमान

काशी-तमिल संगमम में शामिल होने पहले दल में आ रहे 216 मेहमान आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में भी शामिल हुए हैं. 20 नवंबर को वह पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री और राष्ट्रकवि सुब्रह्मण्यम भारती के पैतृक घर भी जाएंगे. अधिकारियों के मुताबिक, सभी मेहमान 20 को संकट मोचन मंदिर में दर्शन करने जाएंगे.

यहां से राष्ट्रकवि सुब्रह्मण्यम भारती के पैतृक आवास पर जाएंगे. फिर, शंकराचार्य मंदिर, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय पंडित लाल बहादुर शास्त्री के पैतृक आवास जाएंगे. इसके बाद सारनाथ घूमकर गंगा आरती में शामिल होंगे. वहीं 21 नवंबर को प्रयागराज जाएंगे.