किसान नेता राकेश टिकैत की महापंचायत में बढ़ी मांग, बोले-अब MSP सहित महंगाई, बेरोजगारी आदि पर भी करेंगे चर्चा

लखनऊ में आयोजित महापंचायत में किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि गन्ना किसानों का भुगतान भी जल्द से जल्द किया जाए. उन्होंने अपनी चाहत जताई कि केंद्र सरकार जब तक किसानों से बात नहीं करेगी तब तक इस मसले का अंत नहीं होगा.

Kisan Mahapanchayat In Lucknow : लखनऊ स्थित ईको गार्डन मैदान में सोमवार को किसानों की उमड़ी भीड़ को संबोधित करते हुए किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा, ‘कानून की लड़ाई तो जनता के लिए थी, किसान के लिए तो एमएसपी है.’ इको गार्डन में लखीमपुर खीरी की हिंसा में मारे गए मृतकों के परिजन भी पहुंचे हैं. अंधेरा बढ़ने के बाद भी बड़ी संख्या में लोग धरनास्थल पर जमे हुए हैं. वहीं, किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि यूपी में बिजली भी काफी महंगी है. ऐसे में इस मुद्दे पर भी चर्चा की जाएगी.

लखनऊ में आयोजित महापंचायत में किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि गन्ना किसानों का भुगतान भी जल्द से जल्द किया जाए. उन्होंने अपनी चाहत जताई कि केंद्र सरकार जब तक किसानों से बात नहीं करेगी तब तक इस मसले का अंत नहीं होगा. वहीं, लखीमपुर खीरी हिंसा को लेकर किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि महंगाई और बेरोजगारी को लेकर भी बात करेंगे. हर मुद्दे पर भी बात करने को तैयार हैं. किसान नेता राकेश टिकैत ने अपनी मांगों की सूची बढ़ा ली है. उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी हिंसा में मारे गए लोगों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है. धीरे-धीरे भीड़ कम होती जा रही है. लोग अपने घरों को रवाना हो रहे हैं.

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन में मारे गए लोगों के परिजनों को सरकार आर्थिक मदद मिलनी चाहिए. उनके परिवार के लोग बेसहारा हो गए हैं. किसानों को एमएसपी की जरूरत है. लखीमपुर खीरी हिंसा को लेकर किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि महंगाई और बेरोजगारी को लेकर भी बात करेंगे. हर मुद्दे पर भी बात करने को तैयार हैं. किसान नेता राकेश टिकैत ने अपनी मांगों की सूची बढ़ा ली है. उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी हिंसा में मारे गए लोगों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है. धीरे-धीरे भीड़ कम होती जा रही है. लोग अपने घरों को रवाना हो रहे हैं.

राकेश टिकैत ने कहा, ‘ऐसा लगता है कि कृषि कानूनों को निरस्त किये जाने की घोषणा के बाद सरकार किसानों से बात नहीं करना चाहती है. सरकार को यह स्पष्ट कर देना चाहिए कि उसने कानूनों को निरस्त कर दिया है और वह हमसे बात करना नहीं चाहती है, हम अपने घरों को लौटना शुरू कर देंगे. उन्होंने कहा कि सिंघु बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन के बाद सरकार के साथ 12 दौर की बातचीत हो चुकी है. अब तक हमारे 750 किसान आंदोलन में शहीद हो गये हैं. सरकार उन किसानों के परिवार की आर्थिक मदद करे.

Also Read: Lucknow Kisan Mahapanchayat LIVE: लखनऊ महापंचायत से किसानों की हुंकार, अब महंगाई और बेरोजगारी पर भी होगी बात

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >