Union Budget 2022: मंगलवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश का आम बजट 2022-23 पेश किया. राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने आज प्रस्तुत बजट को कर्मचारियों के लिए निराशाजनक बताया है. परिषद के अध्यक्ष सुरेश, महामंत्री अतुल मिश्रा, प्रमुख उपाध्यक्ष सुनील यादव ने बजट के प्राथमिक अध्ययन के बाद प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कर्मचारियों की मांग थी कि पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए, जिस पर वित्त मंत्री ने कुछ नहीं कहा, आयकर स्लैब में कोई बदलाव नही हुआ, कर्मचारियों की मांग थी कि 10 लाख तक आय को करमुक्त किया जाए लेकिन निराश ही हाथ लगी.
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की ओर से बजट को लेकर तीखी प्रतिक्रिया के साथ कहा गया कि ऐसा प्रतीत होता है कि अब सरकार कर्मचारियों को दोयम दर्जे का नागरिक मानती है. इसलिए बजट में कर्मचारियों हेतु कोई घोषणा नहीं है.
Also Read: UP चुनाव के बीच बजट में 60 लाख नौकरियों का ऐलान, क्या दूर होगी योगी सरकार के खिलाफ युवाओं की नाराजगी? बजट को लेकर पीएम और वित्त मंत्री को भेंजेगे प्रतिक्रियाकोविड काल में सरकारी कर्मचारियों ने अपनी जान की परवाह किए बगैर देश के लिए कार्य किया था, लेकिन कर्मचारी हित में इनकम टैक्स के स्लैब में कोई छूट ना मिलने से कर्मचारियों की आस टूटी है. राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद जल्द ही एक बैठक कर अपनी प्रतिक्रिया देश की वित्त मंत्री एवं प्रधानमंत्री को भेजेंगे करेगा. केंद्रीय सरकार का बजट कर्मचारियों के लिए पूरी तरह निराशाजनक.
पूंजीवादी व्यवस्था का बजट- वीपी मिश्रइंडियन पब्लिक सर्विस इंप्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीपी मिश्र एवं महासचिव प्रेमचंद्र ने कहा कि, केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा वर्ष 2022 -23 के लिए प्रमुख बजट कर्मचारियों के लिए पूरी तरह से निराशाजनक है. यह पूंजीवादी व्यवस्था का बजट है. पूरी व्यवस्था को निजी करण की तरफ ले जाने वाला है.
