TET Cancellation News : उत्तर प्रदेश में रविवार को टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट (टीईटी) की परीक्षा होनी थी. मगर सुबह से ही प्रयागराज, मथुरा और शामली समेत कई जनपदों में पेपर वायरल होने की सूचना आने लगी. इस कारण परीक्षा रोक दी गई. उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षामंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी ने बयान दिया, ‘टीईटी की परीक्षा के पेपर लीक होने की सूचना के बाद एफआईआर कराने के निर्देश दिए गए है और यूपी एसटीएफ को जांच सौंपी जा रही है.’ हंगामा मच गया. इधर अभ्यर्थी रो पड़े. उधर, सियासत के सिपहसालारों ने बयानबाजी शुरू कर दी.
इस संबंध में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘UPTET का पेपर लीक करने वाले गिरोह को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए जा चुके हैं. दोषियों को चिह्नित कर त्वरित कार्रवाई की जा रही है. दोषियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उनकी संपत्ति भी जब्त की जाएगी.’ उन्होंने कहा, ‘हमारे नौजवान बहनों-भाइयों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. आप सबको हुई असुविधा के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा जरूर मिलेगी. आपकी सरकार शुचितापूर्वक एवं पारदर्शी तरीके से परीक्षा सम्पन्न कराने के लिए कृतसंकल्पित है. UPTET के अभ्यर्थियों के साथ प्रदेश सरकार खड़ी है. एक माह के अंदर पारदर्शी तरीके से पुनः परीक्षा आयोजित होगी. किसी भी अभ्यर्थी से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा. परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को आने-जाने हेतु यूपी की रोडवेज बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा दी जाएगी.’
टीईटी की परीक्षा निरस्त किए जाने का फैसला आते ही यूपी विधानसभा चुनाव 2022 की तैयारियों में मशगूल राजनीतिक दलों को प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर हमला करने का एक बड़ा मौका मिल गया. सभी अपनी-अपनी ओर से राज्य सरकार पर जुबानी हमले करने लगे. इसी क्रम में यूपी चुनाव की कांग्रेस प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने एक ट्वीट किया. उन्होंने लिखा, ‘भर्तियों में भ्रष्टाचार, पेपर आउट ही भाजपा सरकार की पहचान बन चुका है. आज यूपी टेट का पेपर आउट होने की वजह से लाखों युवाओं की मेहनत पर पानी फिर गया. हर बार पेपर आउट होने पर सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने भ्रष्टाचार में शामिल बड़ी मछलियों को बचाया है. इसलिए भ्रष्टाचार चरम पर है.’
पेपर लीक होने और निरस्त होने के बाद समाजवादी पार्टी के मुखिया और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने सूबे की योगी सरकार पर हमला करते हुए ट्वीट किया. उन्होंने लिखा, ‘UPTET 2021 की परीक्षा का पेपर लीक होने की वजह से रद्द होना बीसों लाख बेरोज़गार अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है. भाजपा सरकार में पेपर लीक होना, परीक्षा व परिणाम रद्द होना आम बात है. उप्र शैक्षिक भ्रष्टाचार के चरम पर है. बेरोज़गारों का इंक़लाब होगा; बाइस में बदलाव होगा!’
वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद एवं पार्टी के यूपी चुनाव प्रभारी संजय सिंह ने ट्वीट किया और लिखा, ‘उत्तर प्रदेश के नौजवानों देखो आपके भविष्य के साथ कैसे खिलवाड़ किया जा रहा है. सीएम योगी आदित्यनाथ जिन्ना का पेपर ‘हल’ करने में व्यस्त हैं. इस बीच लाखों छात्रों के रोज़गार से जुड़ी TET की परीक्षा का पेपर लीक हो गया.’
बता दें कि उत्तर प्रदेश में रविवार को टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट (टीईटी) की परीक्षा होनी थी. शनिवार की रात से रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर अभ्यर्थियों का हुजूम उमड़ने लगा था. मगर सुबह से ही प्रयागराज, मथुरा और शामली समेत कई जनपदों में पेपर वायरल होने की सूचना आने लगी. इस कारण परीक्षा रोक दी गई. उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षामंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी ने बयान दिया, ‘टीईटी की परीक्षा के पेपर लीक होने की सूचना के बाद एफआईआर कराने के निर्देश दिए गए है और यूपी एसटीएफ को जांच सौंपी जा रही है.’
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