राजस्थान में कहां है कोरोना वायरस हॉटस्पॉट? पृथक केंद्र से भागे 10 लोगों में नौ को वापस पहुंचाया गया

where is the hot spot of coronavirus in rajasthan जयपुर/नयी दिल्ली : केंद्र सरकार कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के अपने प्रयासों के तहत देश भर में 10 हॉटस्पॉट (जहां संक्रमित लोगों की संख्या ज्यादा है) पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है. इसमें राजस्थान के भीलवाड़ा को भी शामिल किया गया है. इस संक्रमण से देश भर में करीब 2,000 लोग संक्रमित हुए हैं और 38 लोगों की मौत हुई है. उत्तर प्रदेश, दिल्ली, केरल और महाराष्ट्र में दो-दो हॉटस्पॉट और गुजरात तथा राजस्थान में एक-एक हॉटस्पॉट हैं.

जयपुर/नयी दिल्ली : केंद्र सरकार कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के अपने प्रयासों के तहत देश भर में 10 हॉटस्पॉट (जहां संक्रमित लोगों की संख्या ज्यादा है) पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है. इसमें राजस्थान के भीलवाड़ा को भी शामिल किया गया है. इस संक्रमण से देश भर में करीब 2,000 लोग संक्रमित हुए हैं और 38 लोगों की मौत हुई है. उत्तर प्रदेश, दिल्ली, केरल और महाराष्ट्र में दो-दो हॉटस्पॉट और गुजरात तथा राजस्थान में एक-एक हॉटस्पॉट हैं.

राजस्थान में कोरोना वायरस के कुल 120 मामले सामने आये हैं, जिनमें से भीलवाड़ा के 26 मामले हैं. इलाज के बाद आठ मरीज ठीक हो गये. स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने 1,194 नमूने लिये हैं. भीलवाड़ा के शहरी और ग्रामीण इलाकों में 26 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की कवायद चल रही है. भीलवाड़ा में कोरोना वायरस से संक्रमित दो लोगों की मौत हुई है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि इन लोगों की मौत अन्य घातक बीमारियों से हुई है.

राजस्थान की सरकारी चीनी कंपनी बना रही सैनीटाइजर

सरकारी क्षेत्र की राजस्थान स्टेट गंगानगर शुगर मिल्स (जीएसएम) ने उच्च गुणवत्ता वाले हैंड सैनीटाइजर का वाणिज्यिक उत्पादन शुरू कर दिया है. यह 50 रुपये प्रति नग की दर से जल्द ही बाजार में उपलब्ध होगा. शुगर मिल्स के महाप्रबंधक केसरलाल मीणा ने बताया कि गंगानगर शुगर मिल्स राज्यभर में लोगों को हैंड सैनीटाइजर मुहैया कराने का कार्य कर रही है.

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के फॉर्मूले के आधार पर शुगर मिल्स के झोटवाड़ा (जयपुर), मंडोर (जोधपुर), रानपुर (कोटा), हनुमानगढ़ और उदयपुर रिडक्शन सेंटर में उच्च गुणवत्ता वाले हैंड सैनीटाइजर का उत्पादन किया जा रहा है. 25 मार्च से प्रदेश भर में 13 लाख 80 हजार नग सैनीटाइजर का निःशुल्क वितरण करवाया गया है.

पृथक केंद्र से भागे 10 लोगों में से 9 को वापस पहुंचाया गया

जैसलमेर : जिले के पोकरण थाना क्षेत्र में कोरोना वायरस के संदिग्धों के लिए बनाये गये पृथक केंद्र से 10 लोग मौका देखकर मंगलवार रात निकल भागे. पुलिस ने बताया कि हालांकि नौ लोगों को केंद्र में वापस पहुंचा दिया गया है. उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है. थानाधिकारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि पृथक केंद्र में 10 लोग किसी तरह निकल गये. सभी लोग मजदूर हैं और कर्नाटक से मजदूरी कर हाल ही में जैसलमेर में अपने-अपने घर लौटे थे. पिछले दो दिन से ये सभी लोग पृथक केंद्र में थे.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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