राजस्थान: 'नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोल रहा', भारत जोड़ो यात्रा पर राहुल गांधी का BJP को जवाब

भारत जोड़ो यात्रा को लेकर बीजेपी के सवालों पर राहुल गांधी ने जवाब देते हुए कहा कि यह देश मोहब्बत का है, नफरत का नहीं है, इसलिए वह नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोल रहे हैं. उन्होंने बीजेपी को भी नसीहत देते हुए कहा कि वो भी मुहब्बत की दुकान खोलें.

राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा फिलहाल राजस्थान में है. राजस्थान में अपनी यात्रा के अंतिम दिन राहुल गांधी ने बीजेपी पर हमला किया है. उन्होंने कहा कि बीजेपी के लोग अक्सर पूछते हैं कि वो भारत जोड़ो यात्रा क्यों कर रहे हैं. इस पर राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी नेताओं से मेरा कहना है कि नफरत के बाजार में खोल रहा हूं मुहब्बत की दुकान…

बीजेपी के दिया नसीहत: राहुल गांधी ने अपनी यात्रा को लेकर कहा कि यह देश मोहब्बत का है, नफरत का नहीं है, इसलिए वह  नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोल रहे हैं. यहीं नहीं उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेताओं से भी मोहब्बत की दुकान खोलने की अपील की है. राजस्थान में एक जनसभा में राहुल गांधी ने सुझाव दिया कि राजस्थान का हर मंत्री हर महीने एक दिन कम से कम 15 किलोमीटर पैदल यात्रा पर निकाले ताकी वह आम लोगों तक पहुंच सके और उनकी शिकायतों का समाधान कर सके.

बीजेपी नेताओं पर साधा निशाना: राहुल गांधी ने स्कूलों में अंग्रेजी के इस्तेमाल की आलोचना करने के लिए भी बीजेपी नेताओं पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी के मुख्यमंत्रियों, सांसदों और विधायकों के बच्चे इंग्लिश मीडियम स्कूलों में पढ़ते हैं जबकि वे भाषण देते हैं कि अंग्रेजी किसी को नहीं बोलनी चाहिए. राहुल गांधी ने कहा कि उनकी यात्रा कई बार बीजेपी कार्यालयों के आगे से गुजरी जिस दौरान बीजेपी नेता व कार्यकर्ता इशारों-इशारों में उनकी यात्रा को लेकर सवाल खड़े करते थे.

मेरी दुकान मुहब्बत की है- राहुल: सभा में बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि आप मुझसे नफरत कर सकते हैं. आप मुझे गाली दे सकते हैं.. यह आपके दिल की बात है. आपका बाजार नफरत का है, मेरी दुकान मोहब्बत की है. राहुल ने यह भी साफ कर दिया कि वो अपनी नहीं पूरे संगठन की बात कर रहे हैं, जिसने इस देश को आजादी दिलाई. अपने भाषण में राहुल गांधी ने महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभ भाई पटेल बीआर आंबेडकर और मौलाना अबुल कलाम आजाद को लेकर कही कि  इन सब ने नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोली थी. अब यही हम करते हैं.

भाषा इनपुट के साथ

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Author: Pritish Sahay

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