जयपुर : राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट और उनके समर्थकों की नाराजगी दूर होने के बाद ऐसा लग रहा था कि राजस्थान में सियासी संकट खत्म हो चुका है. लेकिन अब भाजपा ने मोर्चा संभाल लिया है. भारतीय जनता पार्टी राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाएगी.
भाजपा विधायक दल की बृहस्पतिवार को यहां हुई बैठक में यह फैसला किया गया. नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि विधानसभा के शुक्रवार से शुरू हो रहे सत्र में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा.
विपक्ष की इस चुनौती के बाद अब अशोक गहलोत सरकार को सरकार बचाने के लिए फ्लोर टेस्ट में बहुमत साबित करना होगा. नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने कहा, हम अपनी तरफ से अविश्वास प्रस्ताव लेकर आ रहे हैं. हमने अपने प्रस्ताव में उन सारे बिंदुओं को लिया है जो आज राजस्थान में ज्वलंत हैं. कांग्रेस में खींचतान और खेमेबंदी का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, ‘ अब भी कोशिश की है पैंचिंग की. लेकिन एक पूरब जा रहा है तो एक पश्चिम जा रहा है. ऐसी गति में मुझे लगता है कि सरकार ज्यादा दिन तक जी नहीं सकेगी.
भले ही इसका टांका लगाने की कोशिश की है लेकिन कपड़ा फट चुका है. आज नहीं तो कल कपड़ा फटेगा.’ वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनियां ने कहा कि विधायक दल की बैठक में भाजपा व घटक दल के 75 में से 74 विधायक मौजूद थे. पूनियां ने कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए कहा,’ हम लोग अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए पूरे तरीके से तैयार हैं.
क्योंकि हो सकता है कि यह सरकार कल सिर गिना दे लेकिन मुझे लगता है कि जनता की नजरों में इस सरकार का जनमत गिर चुका है. इसका बहुत लंबा भविष्य नहीं है.’ पूनियां ने कहा,’ नैतिक रूप से यह सरकार हार चुकी है.’ उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा, ‘ भाजपा विधायक दल सरकार के कुशासन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव रख रहा है. यह इस सरकार के खिलाफ पहला अविश्वास प्रस्ताव होगा.
हम विधानसभा के नियम व प्रक्रियाओं के तहत सरकार की सारी विफलताओं को उजागर करने का प्रयास करेंगे. भाजपा विधायक दल की बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री मुरलीधर राव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अविनाश राय खन्ना, राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री वी सतीश जी भी मौजूद थे. उल्लेखनीय है कि राजस्थान विधानसभा का सत्र शुक्रवार से शुरू होगा.
इधर कांग्रेस ने गहलोत सरकार के खिलाफ बगावत करने वाले विधायक विश्वेंद्र सिंह तथा भंवर लाल शर्मा का निलंबन बृहस्पतिवार को रद्द कर दिया. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने ट्वीट कर यह जानकारी दी. कांग्रेस नेता ने कहा, ‘कांग्रेस के संगठन महासचिव और राजस्थान प्रभारी अविनाश पांडे ने विधायक भंवरलाल शर्मा और विश्वेन्द्र सिंह के कांग्रेस पार्टी से निलंबन को वापस ले लिया है.’ इससे पहले पांडे ने ट्वीट कर कहा कि व्यापक विचार विमर्श के बाद इन दोनों विधायकों का निलंबन रद्द किया गया है.
Posted By – Arbind Kumar Mishra
