Corona Vaccine Stock In India देशभर में कोरोना वायरस की दूसरी लहर का कहर लगातार जारी है और संक्रमित मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज हो रही है. इन सबके बीच, कोरोना वायरस के खतरे को कम करने के लिए वैक्सीनेशन अभियान में तेजी लाए जाने की मांग भी जोर पकड़ रही है. वहीं, कई राज्यों की सरकारें अपने यहां कोरोना वैक्सीन के स्टॉक में कमी की बात कह रहे है. इसी कड़ी में अब राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. पीएम मोदी को लिखे अपने पत्र में सीएम अशोक गहलोत ने कहा है कि राजस्थान में कोरोना वैक्सीन की कमी हो गयी है.
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने पत्र में आगे लिखा है, हमारे राज्य राजस्थान में अब सिर्फ दो दिन के लिए कोरोना वैक्सीन का स्टॉक बचा हुआ है. उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग करते हुए कहा है कि राजस्थान के लिए 30 लाख कोविड वैक्सीन की डोज जल्द से जल्द उपलब्ध कराया जाना चाहिए. जिससे राजस्थान में कोरोना के खिलाफ जंग को आगे बढ़ाते हुए इस महामारी से लोगों की जान को सुरक्षित किया जा सकें. बता दें कि इससे पहले राज्यों के दावे पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि किसी भी राज्य में टीकों की कमी नहीं है. टीकों की कमी के आरोप पूरी तरह निराधार हैं.
जानिए अन्य राज्यों में क्या है स्थितिमीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आंध्र प्रदेश और बिहार के पास कोविड वैक्सीन की स्टॉक दो दिन से भी कम का बचा है. वहीं, ओडिशा के पास भी चार दिनों का वैक्सीन स्टॉक शेष बचा है. जबकि, उत्तर प्रदेश में 2.5 दिन, उत्तराखंड में 2.9 दिन, ओडिशा में 3.2 दिन और मध्य प्रदेश में 3.5 दिन के लिए स्टॉक बचा है. अगर बात पूरे देश की करें तो अप्रैल में रोजाना वैक्सीनेशन की दर करीब 3.6 मिलियन डोज/दिन की रही है और इस लिहाज से वैक्सीन की कुल स्टॉक 19.6 मिलियन अगले 5.5 दिनों तक ही चल पाएगा. स्वास्थ्य मंत्रालय से मिले इन आंकड़ों का विश्लेषण गुरुवार को दोपहर 12.30 बजे तक प्रत्येक राज्य को भेजी गई टोटल डोज, उनकी ओर से पहले इस्तेमाल की गई डोज, जो डोज पाइपलाइन में हैं और एक अप्रैल से प्रत्येक राज्य की ओर से रोजाना किए जा रहे औसतन वैक्सीनेशन पर आधारित है.
वैक्सीन की कमी के पीछे क्या है वजह!वहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान को अब तक कोरोना वैक्सीन की सबसे ज्यादा डोज उपलब्ध करायी गयी है. वैक्सीन की कमी के संबंध में बताया जा रहा है कि जिन राज्यों में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है, वहां की सरकारें संक्रमण को कंट्रोल करने के उद्देश्य से वैक्सीनेशन अभियान को और तेज करने पर जोर दे रही है, इस कारण वहां वैक्सीन की स्टॉक में कमी की बात सामने आ रही है. मालूम हो कि 1 अप्रैल से 45 साल या उससे ज्यादा की उम्र के हर व्यक्ति को वैक्सीन लगाई जा रही है.
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