Congress President Election: शशि थरूर और दिग्विजय सिंह 30 सितंबर को करेंगे नामांकन,अशोक गहलोत रेस से बाहर

अशोक गहलोत ने कांग्रेस अध्यक्ष पद की रेस से खुद को अलग कर लिया है. अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद गहलोत ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि वो कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ेंगे.

कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव रोमांचक होता जा रहा है. सबसे पहले जिसे प्रबल दावेदार ठहराया जा रहा था, अशोक गहलोत इस रेस से बाहर हो चुके हैं. अब मैदान पर दिग्विजय सिंह और शशि थरूर रह गये हैं, जिनके बीच शानदार मुकाबला होने की उम्मीद की जा रही है. कांग्रेस के दोनों वरिष्ठ नेता पहले से ही अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं.

अशोक गहलोत ने खुद को अध्यक्ष पद की रेस से किया बाहर

अशोक गहलोत ने कांग्रेस अध्यक्ष पद की रेस से खुद को अलग कर लिया है. अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद गहलोत ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि वो कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ेंगे. उन्होंने कहा, सोनिया गांधी से भेंट कर राजस्थान में हुए बवाल को लेकर माफी मांग ली है और साफ कर दिया कि वह अब अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि राजस्थान का मुख्यमंत्री वो रहेंगे या नहीं इसका फैसला सोनिया गांधी करेंगे. मालूम हो कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए सबसे पहले अशोक गहलोत का ही नाम सामने आया था. सोनिया और राहुल गांधी के कहने पर ही अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए गहलोत तैयार हुए थे, लेकिन राजस्थान कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर हुए बवाल ने उनका रास्ता बंद कर दिया.

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शशि थरूर 30 सितंबर को करेंगे अध्यक्ष पद के लिए नामांकन

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए 30 सितंबर को नामांकन करने वाले हैं. थरूर सबसे पहले चुनाव के लिए नामांकन पत्र लिया था. उन्होंने अपनी जीत का दावा भी कर दिया. राहुल गांधी के साथ भारत जोड़ो यात्रा के दौरान कहा था कि नामांकन करने के साथ पता चल जाएगा कि उन्हें देशभर से कैसा समर्थन मिल रहा है.

दिग्विजय सिंह भी 30 सितंबर को करेंगे नामांकन

कांग्रेस के दिग्गज नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह 30 सितंबर को कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव के लिए नामांकन करने वाले हैं. दिग्विजय का नाम तब सामने आया, जब राजस्थान कांग्रेस में भारी बवाल शुरू हुआ. ऐसी भी खबर आयी कि अशोक गहलोत को सबक सिखाने के लिए दिग्विजय सिंह को अध्यक्ष पद की रेस में उतारा गया. दिग्विजय सिंह को राजनीति में लंबा अनुभव है. दो बार मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री रह चुके हैं. इसके साथ ही भाजपा और आरएसएस के खिलाफ मुखर होकर पार्टी का पक्ष भी रखते हैं. सोनिया गांधी का करीबी भी उन्हें माना जाता है. लेकिन उन्हें अध्यक्ष पद के चुनाव में शशि थरूर से कड़ी चुनौती मिलने की उम्मीद की जा रही है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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