Rourkela News: राउरकेला इस्पात संयंत्र (आरएसपी) की ओर से सोमवार को विश्व जल दिवस समारोह आयोजित किया गया. मुख्य अतिथि के रूप में निदेशक प्रभारी आलोक वर्मा ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया. उन्होंने कहा कि हर टपकते नल को बंद करें, यह जीवन का अमृत है. जल प्रबंधन विभाग द्वारा ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग में आयोजित इस कार्यक्रम में कार्यपालक निदेशक (खान विकास-सीएमएलओ) बीके गिरि, कार्यपालक निदेशक (संकार्य) बीके पलई, कार्यक्रम निदेशक (सामग्री प्रबंधन) अनिल कुमार तथा कार्यपालक निदेशक (खान, ओजीओएम, सीएमएलओ) एमपी सिंह भी मंचासीन थे.
कल दुर्लभ न हो जाये, इसलिए आज जिम्मेदारी से पानी का करें इस्तेमाल
निदेशक प्रभारी ने आरएसपी में सभ्यता और औद्योगिक कार्यों दोनों की जीवनरेखा के रूप में पानी की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला. कहा कि आज के वैश्विक जल परिदृश्य में प्रचुरता और समस्या दो चरम सीमाएं हैं. हमें जिम्मेदारी से व्यवहार करना होगा, ताकि जो जल आज हमारे पास प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है, वह कल को दुर्लभ न हो जाये. श्री वर्मा ने भूजल स्तर बढ़ाने के लिए वर्षा जल संचयन पर भी बल दिया. श्री पलाई ने औद्योगिक संचालन और पारिस्थितिक संतुलन दोनों को बनाये रखने में पानी की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला. कार्यक्रम की शुरुआत जल प्रबंधन विभाग के एसओएसटी एस पंडा द्वारा वैदिक श्लोकों के उच्चारण के बीच औपचारिक दीप प्रज्वलन के साथ हुई.
विभिन्न प्रतियोगिता के विजेता हुए सम्मानित
गणमान्यों ने इस अवसर पर कर्मचारियों और छात्रों के लिए आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार भी प्रदान किये. इस अवसर पर जल संरक्षण पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गयी. चिन्मय इंग्लिश मीडियम स्कूल की कक्षा-7 की छात्रा और अपनी श्रेणी में भाषण प्रतियोगिता की प्रथम पुरस्कार विजेता एस प्रियदर्शिनी जेना ने जल संरक्षण के विषय पर एक प्रभावशाली भाषण प्रस्तुत किया. मुख्य महाप्रबंधक (उपयोगिता और पर्यावरण) आशा एस कार्था ने स्वागत भाषण दिया और इस वर्ष के लिए जल और लिंग विषय में अंतर्दृष्टि प्रदान की. महाप्रबंधक प्रभारी (डब्ल्यूएमडी) देवजीत राभा ने धन्यवाद ज्ञापित किया. महाप्रबंधक (डब्ल्यूएमडी) अजीत कुमार बेहेरा ने पुरस्कार वितरण समारोह का समन्वय किया और प्रबंधक (डब्ल्यूएमडी), दीपक गर्ग ने समारोह का संचालन किया. कार्यक्रम में कई मुख्य महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ अधिकारी, संयंत्र के कार्य क्षेत्र के कर्मचारी, विद्यार्थी एवं अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे.
