Sambalpur News: अनुगूल जिले के छेंडीपदा थाना अंतर्गत काेसला गांव से होकर कोयला परिवहन के खिलाफ ग्रामीणों का आंदोलन पिछले 20 दिनों से दिन-रात लगातार जारी है. इसी बीच ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्रामीणों की एकता तोड़ने के लिए ट्रांसपोर्ट कंपनी, कोयला कंपनी और जिला प्रशासन की ओर से नाकाम कोशिश की गयी है.
थाना प्रभारी ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया
जानकारी के अनुसार, शनिवार को गांववालों की आंदोलन प्रचार गाड़ी (जो रामनवमी का प्रचार कर रही थी), उसे पुलिस ने जबरदस्ती जब्त कर लिया और ड्राइवर की पिटाई की. इसके प्रतिवाद में ग्रामीणों ने अपने आंदोलन स्थल पर पुलिस की जीप व कर्मचारियों को बंधक बना लिया. इन लोगों की शिकायत है कि वे पिछले 20 दिनों से अपनी और गांव की सुरक्षा के लिए विरोध कर रहे हैं. वे अपने गांव से होकर कोयला लदे वाहनों के परिवहन का शांति से विरोध कर रहे हैं. उन्होंने शिकायत की कि ऐसे में पुलिस उन पर इस तरह से जुल्म करने पर उतर आयी है. इसकी सूचना मिलने के बाद छेंडीपदा थाना अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को शांत करने की कोशिश की, तब जाकर ग्रामीणों ने आंदोलन वापस लिया.
घायल वाहन चालक का चल रहा इलाज
इस बीच पता चला है कि पुलिस की पिटाई में प्रचार गाड़ी का ड्राइवर सरोज कुमार बेहेरा घायल हो गया, जिसका इलाज कोसला अस्पताल में किया जा रहा है. वहीं जो पुलिस गाड़ी प्रचार गाड़ी को रोकने आयी थी, उसका भी इंश्योरेंस और पीयूसी नहीं था. इस पूरी घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिये हैं. विदित हो कि कोसला और आसपास के 10 से ज्यादा गांवों के लोग छेंडीपदा ब्लॉक की नैनी कोयला खदान से कोयले की ढुलाई के खिलाफ दिन-रात विरोध कर रहे हैं.
