Bhubaneswar News: ओडिशा की आदिवासी कला व संस्कृति को देश-विदेश में पहुंचाना है लक्ष्य : मोहन माझी

Bhubaneswar News: भुवनेश्वर के यूनिट-3 स्थित इड्को मैदान में आदिवासी मेला का उद्घाटन मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने किया.

Bhubaneswar News: मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रविवार शाम यूनिट-3 स्थित इड्को मैदान में आदिवासी मेला का उद्घाटन किया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आदिवासियों द्वारा उत्पादित सामग्री बहुत सुंदर है. आदिवासी जिस मंडिया, हल्दी, अदरक, दलहन, आलू आदि का उत्पादन करते हैं, उनका स्वाद भिन्न होता है. इसलिए आदिवासियों द्वारा उत्पादित खाद्य सामग्री देश-विदेश में जानी जाती है.

प्रवासी भारतीय दिवस और उत्कर्ष ओडिशा-मेक इन ओडिशा के कारण तिथियों में हुआ बदलाव

मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि आदिवासियों की कला व संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए प्रति वर्ष इस मेला का आयोजन 26 जनवरी से होता था. लेकिन इस बार भुवनेश्वर में दो विश्व स्तरीय कार्यक्रमों का आयोजन होने जा रहा है. इसे ध्यन में रखते हुए मेला की तारीखों में बदलाव किया गया है. भुवनेश्वर में आठ जनवरी से प्रवासी भारतीय दिवस और उत्कर्ष ओडिशा-मेक इन ओडिशा का आयोजन होने जा रहा है. इनमें देश-विदेश के अतिथि भुवनेश्वर आयेंगे. ये अतिथि आदिवासी मेला घूमने आयेंगे. ओडिशा की आदिवासी संस्कृति देश-विदेश में प्रचारित होगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आदिवासी मेला में शिक्षा और संस्कृति का मिलन देखा जा रहा है. मेला के उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने आदिवासी घरों की प्रतिकृति देखी और आदिवासियों के साथ सार्थक संवाद में भाग लिया. यह मेला 16 जनवरी तक आम जनता के लिए खुला रहेगा.

आदिवासी जीवन की दिखेगी झलक

भुवनेश्वर में शुरू हुए आदिवासी मेला में आगंतुक विस्तृत मॉडल गांवों और प्रामाणिक बाजार के माहौल के माध्यम से आदिवासी जीवन की झलक देख सकते हैं. मेला में आदिवासी कला और संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए समर्पित कई स्टॉल हैं, साथ ही एक फूड कोर्ट भी है, जो पारंपरिक आदिवासी व्यंजन और लाइव सांस्कृतिक प्रदर्शन पेश करता है. इस बार मेला में 20 से अधिक आदिवासी गांव की झलकियां दिखेंगी और आदिवासी उत्पादों से भरे कम से कम 147 स्टॉल हैं. इसके अलावा, इस साल के आदिवासी मेला में बिरसा मुंडा के जीवन को प्रदर्शित करने वाला एक समर्पित मंडप भी होगा और इसके बगल में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की कहानियों को प्रदर्शित करने वाली एक गैलरी होगी.

शहीद माधो सिंह हाथ खर्च योजना शुरू, 1.6 लाख आदिवासी छात्रों को मिली वित्तीय सहायता

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने आदिवासी मेला के उद्घाटन के अवसर पर आदिवासी छात्रों के स्कूली पढ़ाई अधूरी छोड़ने की समस्या को दूर करने के उद्देश्य से शहीद माधो सिंह हाथ खर्च योजना की शुरुआत की. इस योजना के तहत सरकार राज्य भर के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में नौवीं और 11वीं कक्षा में पढ़ने वाले प्रत्येक आदिवासी छात्र को 5,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी. शहीद माधो सिंह हाथ खर्चा योजना की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री ने रविवार को 1.6 लाख आदिवासी छात्रों को 80 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता हस्तांतरित की. माझी ने कहा कि यह देखा गया है कि कई आदिवासी छात्र अपने परिवार के लिए रोजीरोटी कमाने और माता-पिता की मदद करने के लिए पढ़ाई बीच में ही छोड़ देते हैं. इसलिए आदिवासी छात्रों की पढ़ाई छोड़ने की समस्या को दूर करने के लिए सरकार नयी योजना शुरू कर रही है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर साल लगभग दो लाख आदिवासी छात्रों को वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >