Jharsuguda News: बीटीएम मैदान में आयोजित झारसुगुड़ा जिला महोत्सव ‘दुलदुली-2026’ की तीसरी शाम शनिवार को ओडिशा की लोक कला और शास्त्रीय नृत्य का अद्भुत संयोजन देखने को मिला. दर्शक सांस्कृतिक छटा से मंत्रमुग्ध हो गये. जिला महोत्सव दुलदुली-2026 की तीसरी शाम के मुख्य अतिथि एमसीएल झारसुगुड़ा के तकनीकी निदेशक संजय झा, सम्मानित अतिथि ब्रजराजनगर नगरपालिका के अध्यक्ष गोपाल सितानी और जेएसडब्ल्यू एनर्जी (उत्कल) लिमिटेड के कार्यकारी उपाध्यक्ष अशेष कुमार पाढ़ी थे. इस साहित्यिक संध्या में दो प्रतिष्ठित पद्मश्री सम्मान से सम्मानित व्यक्तित्व डॉ उत्सव चरण दास और डॉ हलधर नाग विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए और महोत्सव की गरिमा बढ़ायी.
बांसुरी वादन और शास्त्रीय संगीत ने मोहा मन
झारसुगुड़ा जिला परिषद के सीडीओ सह-इओ विश्वरंजन नायक ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जबकि राजस्व मंत्री के प्रतिनिधि नवल अग्रवाल ने धन्यवाद दिया. सांस्कृतिक कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आये कलाकारों द्वारा आकर्षक कला और संस्कृति का भव्य प्रदर्शन किया गया. झारसुगुड़ा के रेलवे ओड़िया सांस्कृतिक संघ की ओर से शास्त्रीय ओडिसी नृत्य प्रस्तुत किया गया. खुर्दा के कविराज प्रधान की बेंत भरी पाइका अखाड़ा का वीरतापूर्ण प्रदर्शन देखते ही बन रहा था. भद्रक का पारंपरिक मुगल तमाशा प्रस्तुत किया गया, जबकि भुवनेश्वर के बांसुरी बंधु (पंडित हरिप्रसाद चौरसिया प्रतिष्ठान) की ओर से अनिकेत महारणा और उनकी टीम ने बांसुरी वादन और शास्त्रीय संगीत से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया.
पद्मश्री उत्सव चरण दास की टीम ने घोड़ा नाच की दी प्रस्तुति
कार्यक्रम के अगले चरण में, चौद्वार से आये पद्मश्री उत्सव चरण दास की टीम का चैती घोड़ा नाच, भुवनेश्वर के रुद्राक्ष फाउंडेशन की ओर से शाक्य मुनि बुद्ध और रायगड़ा के गायत्री कला संगठन द्वारा धेमसा नृत्य प्रस्तुत किया गया. इसके साथ ही हरियाणा की कलाकारों की टीम का फग नृत्य, बलांगीर सैंतला की कृष्ण प्रिया कला परिषद की ओर से सन वाद्य गुड़का और गंजाम के शंख ध्वनि कला विकास केंद्र की ओर से बाघ नाच (टाइगर डांस) प्रस्तुत किया गया.
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