Bhubaneswar News: ओडिशा दिवस (1 अप्रैल) से ‘ओड़िया नववर्ष’ (14 अप्रैल) तक राज्यभर में मनाये जा रहे ‘ओड़िया पखवाड़ा-2026’ के तहत श्रम एवं कर्मचारी राज्य बीमा विभाग द्वारा शनिवार को एक व्यापक जागरुकता अभियान और पदयात्रा का आयोजन किया गया. इसका उद्देश्य सभी दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में ओड़िया भाषा में स्पष्ट रूप से नामपट्ट प्रदर्शित करने के नियम को बढ़ावा देना था.
200 से अधिक लोग पदयात्रा में हुए शामिल
लोअर पीएमजी से श्रम आयुक्त कार्यालय तक निकाली गयी इस पदयात्रा में 200 से अधिक लोगों ने भाग लिया और ओड़िया भाषा के प्रचार-प्रसार का संकल्प लिया. कार्यक्रम का उद्घाटन श्रम आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी ने किया. उन्होंने अपने बताया कि 4 से 7 अप्रैल 2026 तक विभागीय अधिकारी विभिन्न दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करेंगे. जहां ओड़िया भाषा में नामपट्ट स्पष्ट रूप से प्रदर्शित नहीं होंगे, वहां व्यवसायियों से सही तरीके से ओड़िया में नामपट्ट लगाने का अनुरोध किया जायेगा. उन्होंने कहा कि भाषा हमारी पहचान और गौरव है, इसलिए हर व्यावसायिक स्थल पर इसका उपयोग सुनिश्चित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है.
5,000 से 10,000 रुपये जुर्माना का है नियम
इस अवसर पर अतिरिक्त श्रम आयुक्त मदन मोहन पाइक, संयुक्त श्रम आयुक्त विघ्नजीत मोहंती महापात्र और भारती सिथा, प्रभागीय श्रम आयुक्त बनानी महापात्र, खुर्दा प्रभागीय श्रम आयुक्त अजय प्रधान, जिला श्रम अधिकारी प्रभाकर बिश्वाल, श्रम एवं कर्मचारी राज्य बीमा विभाग के उप-शासन सचिव पीयूष परिडा तथा ‘ओडिशा परिवार’ के नोडल अधिकारी प्रीतिश पंडा सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे. उल्लेखनीय है कि ओडिशा दुकान एवं वाणिज्य प्रतिष्ठान अधिनियम के तहत सभी व्यावसायिक संस्थानों के लिए ओड़िया भाषा में स्पष्ट और शुद्ध नामपट्ट प्रदर्शित करना अनिवार्य है. अधिनियम की धारा 35 के अनुसार, नियमों का उल्लंघन करने पर पहली बार 5,000 से 10,000 रुपये तक तथा पुनरावृत्ति पर 10,000 से 20,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. इस अभियान के माध्यम से व्यापारियों को कानून के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ ओड़िया भाषा की गरिमा बनाये रखने का आह्वान किया गया.
