Jharsuguda News: पारंपरिक चूल्हे की ओर लौट रहे लोग, लकड़ी व कोयला की मांग बढ़ी
Jharsuguda News: . रसोई गैस की कमी से परेशान लोग वैकल्पिक व्यवस्था की तलाश पारंपरिक चूल्हे की ओर लौट रहे हैं.
By BIPIN KUMAR YADAV | Updated at :
Jharsuguda News: झारसुगुड़ा में रसोई गैस सिलिंडर की कमी के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. ऑनलाइन बुकिंग करने पर भी कई दिनों तक गैस नहीं मिल रही है, जिससे लोगों को लकड़ी और कोयला चूल्हे की ओर लौटना पड़ रहा है.
मांग बढ़ी, अब दाम बढ़ाने की तैयारी
वहीं रसोई गैस की कमी के कारण लोग फिर से लकड़ी और कोयला खरीदने लगे हैं, जिससे बाजार में इसकी मांग बढ़ गयी है. लकड़ी और कोयला बेचने वाले लोग मांग को देखते हुए इसकी कीमत बढ़ाने को तैयार हैं. झारसुगुड़ा जिले में कई कोयला खदानें होने के कारण लोग साइकिल और मोपेड पर कोयला लाकर घर-घर बेचते देखे जा रहे हैं. साथ ही कॉमर्शियल गैस सिलिंडर नहीं मिलने के कारण होटल और रेस्टोरेंट में काम करने वाले कर्मचारियों द्वारा भी कोयला और लकड़ी को वैकल्पिक ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है.
ओडिशा में एलपीजी का पर्याप्त भंडार, घबराकर खरीदारी न करें: मंत्री
ओडिशा के खाद्य आपूर्ति मंत्री कृष्ण चंद्र पात्र ने सोमवार को कहा कि राज्य में एलपीजी सिलिंडरों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और लोगों से गैस की कमी की आशंका में घबराकर खरीदारी न करने की अपील की. भुवनेश्वर में आयोजित एक प्रेस वार्ता में मंत्री ने बताया कि राज्य में प्रतिदिन लगभग 2,000 एलपीजी सिलिंडरों की मांग होती है, जबकि औसतन करीब 14,000 सिलिंडर रिजर्व में उपलब्ध हैं. उन्होंने कहा कि गैस की आपूर्ति को लेकर घबराने की कोई जरूरत नहीं है और लोग अनावश्यक रूप से अधिक सिलिंडर खरीदने से बचें. मंत्री ने यह भी बताया कि होटल और रेस्टोरेंट को भी जल्द ही रसोई गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जायेगी. उन्होंने कहा कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए एलपीजी आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाये जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि पहले व्यावसायिक एलपीजी का आवंटन 20 प्रतिशत था, लेकिन केंद्र सरकार ने इसमें अतिरिक्त 20 प्रतिशत की स्वीकृति दे दी है, जिससे होटल और रेस्टोरेंट को गैस उपलब्ध कराने में सुविधा होगी. इसके अलावा आवंटन में 10 प्रतिशत और बढ़ाने पर भी चर्चा चल रही है, जिससे व्यावसायिक गैस की उपलब्धता लगभग 50 प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना है. मंत्री ने कहा कि सोमवार से व्यावसायिक संस्थानों को लगभग 40 प्रतिशत गैस आपूर्ति मिलनी शुरू हो रही है. अतिरिक्त 10 प्रतिशत आवंटन के लिए केंद्र सरकार की कुछ शर्तें हैं, जिन पर राज्य सरकार काम कर रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि घरेलू एलपीजी सिलिंडरों की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है और आपूर्ति से संबंधित किसी भी शिकायत का तुरंत समाधान किया जा रहा है.