रबी सत्र में 3.63 लाख किसानों से खरीदा गया 20.46 मीट्रिक टन धान

ओडिशा सरकार ने खरीफ 2026-27 के लिए धान खरीद की समीक्षा की। रबी सत्र में 3.63 लाख किसानों से 20.46 मीट्रिक टन धान खरीदा गया। पंजीकरण प्रक्रिया जारी है।

भुवनेश्वर : ओडिशा सरकार ने आगामी खरीफ धान खरीदी सत्र 2026-27 के लिए किसानों के पंजीकरण प्रक्रिया को सुचारु और पारदर्शी बनाने के लिए सोमवार को एक अंतर-मंत्रालयी समिति की बैठक आयोजित की. बैठक की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री एवं कृषि एवं किसान सशक्तीकरण तथा ऊर्जा मंत्री कनक वर्धन सिंह देव ने की.

खरीफ सत्र में कम से कम 50 प्रतिशत किसानों के पंजीकरण का लक्ष्य

बैठक में 2025-26 रबी सत्र की समीक्षा करते हुए बताया गया कि 3,63,553 किसानों से 20,46,185 मीट्रिक टन धान की खरीद की गयी, जो पिछले वर्ष के 19,18,528 मीट्रिक टन से अधिक है. इस दौरान 3,63,149 किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य और इनपुट सहायता के रूप में 4,844 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया. आगामी खरीफ सत्र के लिए सरकार ने कम से कम 50 प्रतिशत किसानों के पंजीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया है. इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कृषि एवं किसान सशक्तीकरण, खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण तथा सहकारिता विभाग आपसी समन्वय से कार्य करेंगे, जिसमें राजस्व विभाग भी सहयोग करेगा.

खरीफ 2026-27 में धान बिक्री के लिए 94,657 किसानों ने कराया पंजीकरण

वर्तमान में खरीफ 2026-27 में धान बिक्री के लिए 94,657 किसानों ने पंजीकरण कराया है, जिसमें बालेश्वर जिला सबसे आगे है. गलत सूचनाओं को रोकने और जागरुकता बढ़ाने के लिए उपखंड और ग्राम पंचायत स्तर पर अभियान चलाये जा रहे हैं. ग्राम कृषि कार्यकर्ता किसानों की पंजीकरण प्रक्रिया में सहायता करेंगे और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी किसानों को पंजीकरण रसीद प्रदान की जाये. बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी, खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण मंत्री कृष्ण चंद्र पात्रा, पंचायती राज एवं पेयजल मंत्री रवि नारायण नायक तथा सहकारिता मंत्री प्रदीप बल सामंत सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे. इसके अलावा सहकारिता, कृषि, खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण और वित्त विभाग के सचिवों तथा राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंध निदेशक ने भी विचार-विमर्श में भाग लिया.

एग्रीस्टैक और बिना एग्रीस्टैक दोनों पंजीकरण पर्चियां होंगी मान्य

बैठक में बताया गया कि राज्य में फिलहाल दो प्रकार की पंजीकरण पर्चियां जारी की जा रही हैं. एक एग्रीस्टैक के साथ और दूसरी बिना एग्रीस्टैक के और दोनों ही धान खरीदी के लिए मान्य होंगी. राज्य सरकार ने दोहराया कि ओडिशा का कोई भी किसान धान बेचने से वंचित न रहे, इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाये जा रहे हैं और पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और समावेशी बनाया जायेगा.समिति ने स्पष्ट किया कि एग्रीस्टैक पंजीकरण फिलहाल अनिवार्य नहीं है, जिससे कोई भी किसान धान बेचने से वंचित न रहे. किसान अपने निकटतम प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों और कॉमन सर्विस सेंटर में पंजीकरण करा सकते हैं. पंजीकरण की अंतिम तिथि अक्तूबर तक निर्धारित की गयी है.

क्या है एग्रीस्टैक

एग्रीस्टैक एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो किसानों को एक विशिष्ट पहचान संख्या प्रदान करता है और सरकारी योजनाओं तक उनकी पहुंच को सरल बनाता है. अब तक लगभग छह लाख किसान इस प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत हो चुके हैं. सरकार बटाइदार किसानों के लिए विशेष दिशानिर्देश तैयार करने की प्रक्रिया में भी है, ताकि उन्हें भी धान खरीदी प्रणाली में शामिल किया जा सके.


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By Bipin kumar yadav

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