Rourkela News: 150 बच्चों को पढ़ाने के लिए स्कूल में हैं केवल एक शिक्षक

Rourkela News: तरकेरा उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक की कमी से नाराज अभिभावकों व विद्यार्थियों ने ताला जड़कर विरोध जताया.

Rourkela News: तरकेरा उच्च प्राथमिक विद्यालय के मुख्य गेट पर विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों ने शनिवार को ताला जड़ दिया. इतना ही नहीं छोटे-छोटे विद्यार्थी ‘हमारी मांग पूरी करो’ का नारा लगाते दिखे. कड़ी धूप में बच्चे अपने भविष्य को लेकर यहां प्रदर्शन करते दिखे. वहीं बेहद आक्रोशित अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कूल खोलकर जिला प्रशासन और सरकार भूल चुके हैं. उन्होंने कहा कि केवल ईट-पत्थरों से बनी इमारत को स्कूल नहीं कहते, बल्कि यहां शिक्षक की भी जरूरत होती है. अगर शिक्षक ही नहीं हैं, तो फिर बच्चों को केवल नाममात्र का स्कूल भेजकर हम केवल सरकारी फाइलों में अपने बच्चों का नाम अंकित करा रहे हैं. जबकि यहां पढ़ाई के नाम पर केवल छल किया जा रहा है. 150 से अधिक बच्चे यहां अलग-अलग कक्षाओं में पढ़ते हैं, जिनके लिए महज एक शिक्षक हैं.

नर्सरी से लेकर कक्षा आठ तक होती है पढ़ाई

स्कूल में कुल नौ कक्षाएं हैं. जिसमें नर्सरी भी शामिल हैं. यहां कक्षा आठवीं तक की पढ़ाई होती है. करीब 150 से अधिक बच्चे यहां पढ़ रहे हैं. बच्चे नियमित स्कूल आते हैं, लेकिन एक शिक्षक के लिए अलग-अलग कक्षाओं में जाकर बच्चों को पढ़ाना संभव नहीं हो रहा है. जिससे यहां के स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी देखी जा रही है.

पांच साल से कर रहे शिक्षक नियुक्ति की मांग

अभिभावकों ने कहा कि हम पिछले पांच सालों से यहां यह स्थिति देख रहे हैं. हर साल हम मांग करते हैं लिखित और मौखिक दोनों तरीके से. लेकिन कोई परिणाम सामने नहीं आता. नतीजतन आज हम थककर सड़क पर उतरने को मजबूर हुए हैं. हमारे बच्चों के भविष्य का सवाल है. सरकार इस दिशा में कोई कदम नहीं उठा रही है.

प्राइवेट स्कूलों को बढ़ावा देने की साजिश का लगाया आरोप

अभिभावकों ने कहा कि यह प्राइवेट स्कूलों को बढ़ावा देने की साजिश है. इस तरह से अगर बच्चों की पढ़ाई से समझौता होगा, तो लोग अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाने को विवश होंगे. लगता है सरकार और प्रशासन यही चाहता है. इसलिए इस तरह की लापरवाही की जा रही है.

बीइओ से अभिभावकों की तीखी बहस

प्रदर्शन की सूचना पाते ही बिसरा बीइओ सुप्रभात बेहेरा तुरंत मौके पर पहुंचे. उन्होंने आते ही बच्चों को गेट से हटाने को कहा और स्कूल के अंदर जाने के लिए कहा. लेकिन अभिभावक बीच में आ गये और कहा कि बच्चे अंदर नहीं जायेंगे. जब पढ़ाई होती ही नहीं है, तो क्यों जायें. इसके बाद बीइओ के साथ करीब आधे घंटे तक बहस होती रही. बीइओ ने समझाने की कोशिश की कि बच्चे गर्मी के मौसम में बाहर खड़े रहेंगे, तो उनके स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है, लेकिन अभिभावक नहीं माने.

शीर्ष अधिकारियों को दी गयी है सूचना, लगेगा थोड़ा वक्त

बिसरा बीइओ एस बेहेरा ने कहा कि समस्या हमारे संज्ञान में है, लेकिन एक प्रक्रिया के तहत ही इसका समाधान होगा. सरकार जल्द ही 45 हजार शिक्षकों की बहाली करने जा रही है, जिसके बाद थोड़ी राहत मिलेगी. जहां तक इस स्कूल की बात है, तो यहां पर दो शिक्षक थे, एक सेवानिवृत्त हो गये हैं. हमने शीर्ष अधिकारियों को सूचना दे दी है. समस्या के समाधान में थोड़ा वक्त लगेगा.

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By BIPIN KUMAR YADAV

BIPIN KUMAR YADAV is a contributor at Prabhat Khabar.

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