Bhubaneswar News: स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफा की मांग को लेकर विपक्षी विधायकों ने विधानसभा में किया प्रदर्शन
Bhubaneswar News: कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज में आग की घटना को लेकर विपक्षी विधायकों ने विधानसभा में जमकर हंगामा किया.
By BIPIN KUMAR YADAV | Updated at :
Bhubaneswar: Opposition MLAs of the Odisha Legislative Assembly stage a protest inside the House over the SCB Medical College and Hospital ICU fire incident, demanding the resignation of the state Health & Family Welfare Minister Mukesh Mahaling during the Budget Session of the state assembly, in Bhubaneswar, Monday, March 30, 2026. (PTI Photo)(PTI03_30_2026_000147B)
Bhubaneswar News: ओडिशा विधानसभा में विपक्षी सदस्यों ने कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में आग लगने से हुई 12 मरीजों की मौत के सिलसिले में स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग के इस्तीफे की मांग करते हुए जबर्दस्त प्रदर्शन किया, जिस कारण सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी. यह लगातार नौवां दिन था जब विपक्षी दलों बीजू जनता दल (बीजद), कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सदस्यों ने 16 मार्च को एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में हुई घटना को लेकर महालिंग के इस्तीफे का दबाव बनाते हुए सदन में शोर-शराबा किया.
पूर्व विधायक नारायण साहू को दी गयी श्रद्धांजलि
सदन में पूर्व विधायक नारायण साहू को श्रद्धांजलि अर्पित किये जाने के तुरंत बाद, विपक्षी सदस्य तख्तियां लेकर और सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए आसन के समीप आ गये. साहू का 26 मार्च को निधन हो गया था. विधानसभाध्यक्ष सुरमा पाढ़ी ने चार बजे तक सदन को कम से कम पांच बार शाम स्थगित किया, क्योंकि विपक्षी सदस्यों ने सामान्य कार्यवाही जारी रखने की उनकी अपीलों को अनसुना कर दिया था.
शाम चार बजे सदन की कार्यवाही चालू होने पर, पहले जैसे ही दृश्य देखने को मिले. लेकिन अब अध्यक्ष ने महालिंग के नेतृत्व वाले स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की बजटीय मांगों पर चर्चा की अनुमति दी.
भाजपा विधायक इरासिस आचार्य और सनातन बिजुली ने महालिंग के कार्यों की सराहना करते हुए उनकी पहलों को विभाग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया.
17 मार्च से नहीं हो पायी है सामान्य कार्यवाही
विपक्षी सदस्यों के बहिर्गमन के बाद विधानसभा ने विभाग की बजटीय मांगों पर चर्चा शुरू की. विपक्षी सदस्य गतिरोध के बावजूद चर्चा की अनुमति देने के अध्यक्ष के फैसले के विरोध में सदन से उठकर चले गये. लगातार जारी गतिरोध के कारण 17 मार्च से प्रश्नकाल, शून्यकाल और स्थगन प्रस्तावों पर चर्चा सहित सामान्य कार्यवाही नहीं हो पायी है. बीजद और कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने सर्वदलीय बैठकों के दौरान अध्यक्ष से कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे के बिना सदन की कार्यवाही नहीं चलने दी जायेगी. अध्यक्ष ने गतिरोध को सुलझाने के प्रयास में पिछले नौ दिनों में चार सर्वदलीय बैठकें बुलायी हैं, लेकिन गतिरोध जारी है.
बीजद ने भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक मानदंडों को कमजोर करने का आरोप लगाया
सदन के बाहर बीजद विधायक गणेश्वर बेहेरा ने भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक मानदंडों को कमजोर करने का आरोप लगाया. इस बीच सदन के बाद, ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग की इस्तीफे की मांग को लेकर बीजद, कांग्रेस और माकपा समेत करीब 10 विपक्षी दलों के सदस्यों ने सोमवार को यहां लोअर पीएमजी इलाके में प्रदर्शन किया. बीजद उपाध्यक्ष देवी प्रसाद मिश्रा ने कहा कि हम नैतिक आधार पर स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे और 16 मार्च की सुबह एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में लगी भीषण आग की घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हैं.
विपक्षी विधायकों ने मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
कटक के एक सरकारी अस्पताल में आग लगने से हुई12 मरीजों की मौत को लेकर ओडिशा विधानसभा की कार्यवाही बाधित करने के बाद, विपक्षी विधायकों ने सोमवार को राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति को एक ज्ञापन सौंपकर स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की. बीजू जनता दल (बीजद), कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के विधायकों के हस्ताक्षर वाले एक संयुक्त ज्ञापन में, विपक्षी सदस्यों ने कहा है कि अस्पताल में आग की घटना ने ओडिशा के लोगों को गंभीर पीड़ा पहुंचाई है और उन्हें गहरा सदमा पहुंचाया है. उन्होंने राज्यपाल को सौंपे अपने छह सूत्री मांगपत्र में कहा कि इस त्रासदी से राज्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना के सुरक्षा मानकों, प्रशासनिक जवाबदेही और उनकी समग्र स्थिति के संबंध में गंभीर चिंताएं पैदा होती हैं. स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफा के अलावा विपक्षी विधायकों ने हर मृत मरीज के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने के साथ-साथ प्रत्येक प्रभावित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने, उड़ीसा उच्च न्यायालय के किसी मौजूदा या सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नेतृत्व में न्यायिक जांच कराने, सभी घायल मरीजों के लिए मुफ्त चिकित्सा उपचार और प्रत्येक को पांच लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने की मांग की.