Bhubaneswar News: भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक के बारे में टिप्पणी के खिलाफ मंगलवार को विपक्षी विधायकों ने विधानसभा में कड़ा विरोध जताया और निंदा प्रस्ताव पारित करने की मांग की. पूर्वाह्न साढ़े 10 बजे जब प्रश्नकाल के लिए सदन की कार्यवाही शुरू हुई, तो बीजू जनता दल (बीजद), कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सदस्य आसन के करीब आ गये और बीजू पटनायक के खिलाफ दुबे की टिप्पणी पर चुप्पी साधने को लेकर राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ नारे लगाने लगे.
बीजू पटनायक पर दुबे के बयान को लोग बर्दास्त नहीं करेंगे
विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी और आसन के करीब विरोध प्रदर्शन के बीच विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी ने कार्यवाही पूर्वाह्न साढ़े 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी. जब 40 मिनट के बाद कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, तो विपक्ष के उपनेता प्रसन्ना आचार्य ने शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाया और विधानसभा अध्यक्ष से बीजद सदस्यों द्वारा दुबे के खिलाफ पेश किये गये निंदा प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति मांगी. अचार्य ने कहा कि बीजू पटनायक के बारे में भाजपा सांसद दुबे के बयान ने ओडिशा के ‘स्वाभिमान’ को झकझोर दिया है और लोग इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे. हम ओडिशा विधानसभा में निंदा प्रस्ताव पारित करने की मांग करते हैं. हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि वह बीजद सदस्यों के नोटिस को कार्यमंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठक में रखेंगी और बाद में इस प्रस्ताव पर निर्णय लेंगी.
बीजद विधायक ने ओडिशा विधानसभा सचिवालय को निंदा प्रस्ताव लाने का नोटिस भेजा
बीजद विधायक रणेंद्र प्रताप स्वांई ने ओडिशा विधानसभा सचिवालय को एक नोटिस भेजा है, जिसमें उन्होंने ‘बीजू बाबू के खिलाफ अपमानजनक और झूठा बयान देने और इसके जरिये ओड़िया लोगों की भावनाएं आहत करने’ शीर्षक से निंदा प्रस्ताव लाने का अनुरोध किया है. कांग्रेस विधायक दल के नेता रामा चंद्र कडाम ने आरोप लगाया कि जो लोग कभी ब्रिटिश शासकों की सेवा कर रहे थे, वे अब जवाहरलाल नेहरू और बीजू बाबू जैसे प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे हैं. सभी को दुबे के बयान और उनकी पार्टी की निंदा करनी चाहिए.
