Rourkela News : राउरकेला के जोल्डा में विमान की क्रैश लैंडिंग की डीजीसीए ने शुरू की जांच

डीजीसीए की एक टीम रविवार को दुर्घटनास्थल पर पहुंची और विमान की क्रैश लैंडिंग के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू की. जांच के तहत टीम ने इलाके का हवाई सर्वे भी किया

By SANTOSH PRATAP SINGH | January 11, 2026 10:52 PM

Rourkela News : डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने रविवार को राउरकेला के जोल्डा में हुए विमान हादसे की ऑन-साइट जांच शुरू कर दी है, जबकि राज्य सरकार ने दोहराया है कि घायलों को बेहतरीन मेडिकल केयर देना उसकी पहली प्राथमिकता है. डीजीसीए की एक टीम रविवार को दुर्घटनास्थल पर पहुंची और विमान की क्रैश लैंडिंग के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू की. जांच के तहत टीम ने इलाके का हवाई सर्वे भी किया. ओडिशा की परिवहन सचिव उषा पाढ़ी स्थिति का जायजा लेने के लिए राउरकेला पहुंचीं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री दुर्घटना से संबंधित घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहे हैं. उन्होंने निर्देश दिया है कि घायलों को हरसंभव सहायता प्रदान की जाये. सभी आवश्यक सुविधाएं और सहायता प्रदान की गयी है. कहा कि घायल यात्रियों और चालक दल के सदस्यों के स्वास्थ्य की स्थिति का आकलन करने के लिए दो सदस्यीय मेडिकल टीम तैनात की गयी है. इंडिया वन एयर के विमान ने क्रैश लैंडिंग की थी. हमारी पहली प्राथमिकता सभी घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करना था. आवश्यक होने पर एयर एंबुलेंस से मरीजों को शिफ्ट किया जायेगा. डॉक्टरों की एक राज्य स्तरीय टीम बनायी गयी है, जो घायलों का इलाज करने वाले डॉक्टरों के साथ लगातार समन्वय में है. राज्य के हेलीकॉप्टर से दो विशेषज्ञ डॉक्टरों को लाया गया है. सरकार सभी आवश्यक सहायता सुनिश्चित करेगी. इस बीच, राउरकेला के जयप्रकाश अस्पताल में इलाज करा रहे दो घायल यात्रियों, सुनील अग्रवाल और सबिता अग्रवाल को उनके अनुरोध पर आगे के इलाज के लिए एयरलिफ्ट किया गया. इसके अलावा, एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, कटक और धरणीधर मेडिकल कॉलेज से दो वरिष्ठ डॉक्टर न्यूरोलॉजी विभाग से अनूप महापात्रा और क्रिटिकल केयर यूनिट से देबाशीष स्वांई विशेषज्ञ मेडिकल मूल्यांकन के लिए राउरकेला पहुंचे हैं. सुंदरगढ़ जिलापाल शुभंकर महापात्रा ने कहा कि उन्होंने रविवार रात करीब 11:00 बजे घायल मरीजों से मुलाकात की. सिर्फ एक मरीज को पहले से किडनी से जुड़ी बीमारी थी और उस पर कड़ी नजर रखी जा रही है, हालांकि जरूरी पैरामीटर स्थिर हैं. एक्सपर्ट डॉक्टरों की सलाह के आधार पर आगे कदम उठाये जायेंगे. चार यात्रियों में से दो ने फ्रैक्चर होने के बाद अपने खर्च पर शिफ्ट होने का अनुरोध किया था. उसी के अनुसार इंतजाम किये गये.

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