ओडिशा में भीषण बाढ़ के बीच मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी 1 अगस्त को सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे से पहले विपक्ष ने निशाना साधा. पीटीआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, विपक्ष ने सीएम माझी पर आरोप लगाया कि जब राज्य के लोग बाढ़ की मार झेल रहे थे, तब वह 'दिल्ली में दावत उड़ाने' में तल्लीन हैं. इस मुद्दे को लेकर राज्य की राजनीति भी गरमा गई है.
ओडिशा के 30 में से 20 जिलों में बाढ़ ने कहर मचा रखा है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक लगभग 7 लाख से अधिक लोग इस आपदा की चपेट में आए हैं. प्रशासन ने अब तक 3 लोगों की मौत की पुष्टि की है, जबकि विपक्ष का दावा है कि मृतकों की संख्या 7 है. कई गांवों का संपर्क टूट गया है और हजारों लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं.
इन जिलों का होगा हवाई निरीक्षण
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी और विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल के साथ जाजपुर, भद्रक, बालासोर और क्योंझर जिलों का हवाई सर्वे करेंगे. ये जिले बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित बताए जा रहे है. सर्वे के बाद राहत और पुनर्वास कार्यों की समीक्षा भी की जाएगी.
महानदी पर हाई अलर्ट, राहत कार्य तेज
प्रशासन ने महानदी नदी तंत्र में मध्यम स्तर की बाढ़ की आशंका को देखते हुए तटीय इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया है. एनडीआरएफ, ओडीआरएएफ और स्थानीय प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं. सरकार का कहना है कि प्रभावित लोगों तक हर संभव मदद पहुंचाई जा रही है, जबकि विपक्ष लगातार राहत कार्यों की गति और सरकार की तैयारी पर सवाल उठा रहा है.
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