Bhubaneswar News: कुदोपाली को महान सांस्कृतिक तीर्थस्थल के रूप में विकसित करने का आह्वान किया

Bhubaneswar News: कुदोपाली में वीर छबील साय और 57 शहीदों की स्मृति पदयात्रा में केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने भाग लिया.

Bhubaneswar News: 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के पावन स्थल, संबलपुर के कुदोपाली में आयोजित ‘वीर छबील साय स्मृति पदयात्रा’ में सोमवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान शामिल हुए. इस अवसर पर उन्होंने वीर सुरेंद्र साय के छोटे भाई छबील साय और 57 अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और कुदोपाली को महान सांस्कृतिक तीर्थस्थल के रूप में विकसित करने का आह्वान किया.

कुदोपाली का इतिहास हजारों वीरों के बलिदान की गाथा

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि 30 दिसंबर, 1857 को कुदोपाली की रणभूमि में 53 स्वतंत्रता सेनानी शहीद हुए और बाद में चार अन्य को फांसी दी गयी. इस तरह कुल 57 वीर शहीद हुए, जिनमें वीर सुरेंद्र साय और उनके भाई छबील साय भी शामिल थे. उन्होंने कहा कि इस वीर भूमि पर आने का मुझे गर्व और सौभाग्य है. कुदोपाली का इतिहास केवल एक आंदोलन नहीं, बल्कि हजारों वीरों के रक्त और बलिदान की गाथा है. इसे नयी पीढ़ी तक पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है. कुदोपाली का ऐतिहासिक महत्व जालियांवाला बाग जैसी घटनाओं से किसी भी मामले में कम नहीं है.

ओड़िया, हिंदी और अंग्रेजी में प्रकाशित की गयी पुस्तक

इस गौरवमय इतिहास को विश्व स्तर पर पहुंचाने के लिए केंद्रीय शिक्षा विभाग के तहत नेशनल बुक ट्रस्ट द्वारा ओड़िया, हिंदी और अंग्रेजी में पुस्तक प्रकाशित की गयी है, और आने वाले दिनों में अन्य मातृभाषाओं में भी इसका प्रकाशन किया जायेगा. जिला प्रशासन के सहयोग से इस स्थल को एक प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया जायेगा. योजना के अनुसार, 2047 में भारत की स्वतंत्रता की 100वीं वर्षगांठ तक कुदोपाली को एक विशाल संग्राम तीर्थस्थल के रूप में तैयार किया जायेगा. कार्यक्रम के दौरान मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कुदोपाली में ‘वीर सुरेन्द्र साय आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र’ का भी निरीक्षण किया और बच्चों में फल वितरित किये. उन्होंने शहीद संग्रहालय और स्मृति स्तंभ पर श्रद्धांजलि अर्पित कर शहीदों को नमन किया.

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Published by: Bipin kumar yadav

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