Bhubaneswar News: ऑस्ट्रेलिया की न्यू साउथ वेल्स यूनिवर्सिटी भारत में खोलेगी कैंपस : धर्मेंद्र प्रधान

Bhubaneswar News: भारत-ऑस्ट्रेलिया शिक्षा एवं कौशल परिषद की तीसरी बैठक नयी दिल्ली में हुई. इसमें भारत और ऑस्ट्रेलिया के शिक्षा मंत्री शामिल हुए.

Bhubaneswar News: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और ऑस्ट्रेलिया के शिक्षा मंत्री जेसन क्लेयर की उपस्थिति में सोमवार को नयी दिल्ली में तीसरी ‘भारत-ऑस्ट्रेलिया शिक्षा एवं कौशल परिषद’ की बैठक आयोजित हुई. इस महत्वपूर्ण बैठक में ऑस्ट्रेलिया के कौशल एवं प्रशिक्षण मंत्री एंड्रयू गिल्स, अंतरराष्ट्रीय शिक्षा सहायक मंत्री जूलियन हिल सहित ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधिमंडल के सदस्य उपस्थित थे.

यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स को ‘लेटर ऑफ इंटेंट’ सौंपा

बैठक ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच शिक्षा, कौशल और अनुसंधान के क्षेत्र में द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करने तथा युवाओं के लिए नये अवसर खोलने का मार्ग प्रशस्त किया. केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों को स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, अनुसंधान और कौशल विकास जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर हुई सार्थक चर्चा के लिए धन्यवाद दिया और भारत-ऑस्ट्रेलिया शिक्षा एवं कौशल परिषद मंच को नयी ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए उनके प्रयासों की सराहना की. बैठक के दौरान एक बड़ी घोष��ा की गयी कि क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में शीर्ष-20 में शामिल ऑस्ट्रेलिया की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ‘यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स’ भारत में अपना कैंपस स्थापित करेगी. इस उद्देश्य से धर्मेंद्र प्रधान और ऑस्ट्रेलियाई शिक्षा मंत्री ने संयुक्त रूप से यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स को ‘लेटर ऑफ इंटेंट’ सौंपा. यह कदम भारत-ऑस्ट्रेलिया ज्ञान साझेदारी को और मजबूत करेगा. धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि शिक्षा, कौशल और अनुसंधान भारत-ऑस्ट्रेलिया की रणनीतिक साझेदारी के प्रमुख स्तंभ है. बैठक में यह भी तय किया गया कि विद्यालयी शिक्षा, उच्च शिक्षा और कौशल विकास से संबंधित चर्चा को प्रभावी रूप से लागू किया जायेगा, जिससे दोनों देशों के बीच संबंध और अधिक मजबूत होंगे.

‘प्री-स्कूल से पीएचडी’ तक संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा

इससे पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और ऑस्ट्रेलियाई शिक्षा मंत्री के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई, जिसके बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित किया. इसमें शिक्षा, नवाचार व अनुसंधान के क्षेत्रों में जारी सहयोग की समीक्षा के साथ ‘प्री-स्कूल से पीएचडी’ तक संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हुई. प्रधान ने कहा कि भारत के लिए विद्यार्थियों में क्रिटिकल थिंकिंग विकसित करना और एक एआइ-रेडी पीढ़ी तैयार करना प्राथमिकता है. दोनों देश शिक्षा साझेदारी के नये अध्याय जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं. इसके तहत उच्च शिक्षण संस्थानों के बीच संयुक्त कार्यक्रम, रणनीतिक क्षेत्रों में संयुक्त शोध के लिए वित्तीय सहयोग आदि विषयों पर भी चर्चा हुई. बैठक में केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री तथा शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी भी उपस्थित थे.

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Published by: Bipin kumar yadav

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