भुवनेश्वर : ओडिशा के केंद्रापड़ा जिले के राजनगर क्षेत्र में शनिवार को एक खेत में मछली पकड़ने के लिए बिछाये गये जाल में करीब छह फीट लंबा मगरमच्छ फंस गया. मगरमच्छ के खेत में पाये जाने की खबर से आसपास के ग्रामीणों में दहशत फैल गयी. ब्राह्मणीकूहा गांव के पास यह जाल बिछाया गया था. खेत से गुजरते समय मगरमच्छ उसमें फंस गया और खुद को बाहर नहीं निकाल सका.
वन विभाग के अधिकारियों ने किया रेस्क्यू
मगरमच्छ को जाल में फंसा देखकर स्थानीय लोगों ने तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना दी. सूचना मिलने के बाद वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और मगरमच्छ को जाल से सुरक्षित निकालने के लिए बचाव अभियान शुरू किया. अधिकारियों ने सावधानीपूर्वक मगरमच्छ को मछली पकड़ने वाले जाल से बाहर निकाला. वन विभाग की कार्रवाई के बाद स्थिति पर नियंत्रण पाया गया और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली. कृषि भूमि में मगरमच्छ की मौजूदगी से स्थानीय लोग काफी चिंतित नजर आये. गांव के समीप खेत में मगरमच्छ पाये जाने से इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया. मगरमच्छ के सुरक्षित बचाव के बाद स्थिति सामान्य हुई.
गुजरात के ट्रस्ट से नंदनकानन चिड़ियाघर को मिले 58 वन्यजीव
भुवनेश्वर स्थित नंदनकानन प्राणि उद्यान को शनिवार को गुजरात के एक ट्रस्ट से 58 वन्यजीव मिले, जिनमें जेब्रा की एक जोड़ी, कंगारू आदि शामिल हैं. एक अधिकारी ने बताया कि वन्यजीवों की 14 प्रजातियां गुजरात के राधा कृष्ण टेंपल एलीफेंट वेलफेयर ट्रस्ट (आरकेटीइडब्ल्यूटी) ने दान की हैं. उन्होंने कहा कि नये वन्यजीवों के शामिल होने के बाद चिड़ियाघर में प्रजातियों की कुल संख्या बढ़कर 188 हो गयी है. अधिकारी ने कहा कि नये वन्यजीवों के आने से चिड़ियाघर में प्रजातियों की विविधता बढ़ेगी और संरक्षण शिक्षा से जुड़ी गतिविधियों को मजबूती मिलेगी. इससे आगंतुकों को अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों के वन्यजीवों, उनके पर्यावरण के अनुसार अनुकूलन और जैव विविधता संरक्षण के महत्व को समझने का अवसर मिलेगा.
