भुवनेश्वर: ओडिशा विजिलेंस ने केंद्रापड़ा ड्रेनेज डिवीजन की एक असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (एएइ) अनुपमा साहू को 3.15 लाख रुपये की संदिग्ध नकदी के साथ पकड़ा. इसके बाद उनके आवास पर चल रही तलाशी के दौरान 4 लाख रुपये की अतिरिक्त नकदी बरामद की गयी. इस तरह उनके कब्जे और परिसर से कुल 7.15 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं. विजिलेंस के अनुसार, ठेकेदारों से लंबित बिलों को मंजूरी देने के एवज में कथित रूप से रिश्वत वसूले जाने की विश्वसनीय सूचना मिलने के बाद टीम ने कार्रवाई की. अधिकारी को एनएच-53ए स्थित मार्शाघाई क्रॉसिंग के पास रोका गया.
पहले वाहन से बरामद हुए 3.15 लाख, फिर घर से मिले चार लाख
विजिलेंस के मुताबिक, अधिकारी अपने कार्यालय से केंद्रापड़ा के नयन विहार स्थित आवास की ओर सरकारी वाहन (पंजीकरण संख्या ओडी-29-एस-6644) से जा रही थीं. इसी दौरान उन्हें रोका गया और तलाशी में उनके पास से 3,15,000 रुपये नकद बरामद किये गये. विजिलेंस ने बताया कि अधिकारी बरामद नकदी के स्रोत के बारे में संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सकीं. इसके बाद नकदी के साथ सरकारी वाहन को भी जब्त कर लिया गया. नकदी बरामद होने के बाद विजिलेंस ने अधिकारी के कार्यालय और आवासीय परिसर में तलाशी शुरू की. आवास की तलाशी के दौरान 4 लाख रुपये की अतिरिक्त नकदी बरामद हुई. इसके साथ कुल नकद बरामदगी 7,15,000 रुपये हो गयी.
बरामद राशि का स्रोत पता करने में जुटी है विजिलेंस टीम
विजिलेंस अब बरामद रकम के स्रोत की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नकदी कथित रिश्वतखोरी से जुड़ी है या ज्ञात आय के स्रोत से अधिक संपत्ति रखने से संबंधित है. अधिकारी से पूछताछ जारी है. विजिलेंस के अनुसार, तलाशी और जांच की कार्रवाई अभी जारी है तथा मामले में आगे की जानकारी का इंतजार है.
