Bhubaneswar News: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को मयूरभंज जिले के रायरंगपुर में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के क्षेत्रीय केंद्र एवं अग्नू कौशल केंद्र का उद्घाटन वर्चुअल माध्यम से किया. यह कार्यक्रम भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा ‘स्किलिंग फॉर एआइ रेडीनेस’ की विशेष पहल के तहत आयोजित किया गया.
कृत्रिम बुद्धिमत्तादेश की जीडीपी, रोजगार और समग्र उत्पादकता में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि आने वाले दशक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ) देश की जीडीपी, रोजगार और समग्र उत्पादकता में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी. उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे यह सदैव स्मरण रखें कि प्रौद्योगिकी, ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज की सेवा, चुनौतियों के समाधान खोजने और दूसरों को सशक्त बनाने के लिए किया जाना चाहिए.
औपचारिक शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण से जनजातीय क्षेत्र में आयेगा बड़ा बदलाव : धर्मेंद्र प्रधान
इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि रायरंगपुर में इग्नू के इस नये केंद्र की स्थापना से रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने कहा कि पहली बार इग्नू के माध्यम से औपचारिक शिक्षा के साथ-साथ कौशल शिक्षा प्रदान की जायेगी, जो एक बड़ा परिवर्तन साबित होगा. श्री प्रधान ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की प्रशंसा करते हुए कहा कि एक शिक्षिका के रूप में उन्होंने अपने जीवन में मूल्यों और गरिमा का परिचय दिया है. उनके मार्गदर्शन में स्थापित ये केंद्र समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों को विशेष रूप से लाभान्वित करेंगे. उन्होंने कहा कि मयूरभंज के प्राकृतिक संसाधनों, वन संपदा और श्रम शक्ति के समुचित उपयोग के लिए स्थानीय जनजातीय एवं ग्रामीण समुदायों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ) और आधुनिक तकनीकों से जोड़ा जायेगा, जिससे उनकी क्षमताओं में वृद्धि होगी. कार्यक्रम में केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री जयंत चौधरी प्रमुख रूप से उपस्थित थे. वहीं, बारीपदा से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ओडिशा सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक तथा केंद्र और राज्य सरकारों के विभिन्न वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए.एआइ को अवसर के रूप में अपनाना चाहिए
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि भारत वर्तमान में एआइ इम्पैक्ट सम्मेलन का आयोजन कर रहा है. जिस समय दुनिया कृत्रिम बुद्धिमत्ता को लेकर आशंकित है, उस समय भारत को इसे एक अवसर के रूप में अपनाना चाहिए. नयी पीढ़ी को एआइ आधारित शिक्षा से जोड़ा जायेगा. उन्होंने कहा कि ‘एआइ फॉर ऑल’ आने वाले समय में एक गेम चेंजर साबित होगा. प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने के लिए नागरिकों की आर्थिक उत्पादकता बढ़ाने पर जोर देते हुए श्री प्रधान ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए देश की कार्यशक्ति भागीदारी को 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत तक ले जाना होगा, जिसमें कौशल विकास की भूमिका अहम होगी. इस अवसर पर श्री प्रधान ने मयूरभंज सहित पूरे ओडिशा के नागरिकों को बधाई दी और इस पहल में भागीदारी के लिए इग्नू का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग के माध्यम से एक आत्मनिर्भर और समृद्ध ‘नये भारत’ के निर्माण के लिए सरकार प्रतिबद्ध है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
