गोलाबंध के विस्थापितों का चार दशक का इंतजार खत्म, 75.60 करोड़ के पुनर्वास पैकेज की हुई शुरुआत

गंजाम जिले के गोलाबंध के विस्थापित परिवारों को चार दशक लंबे इंतजार के बाद आखिरकार बड़ी राहत मिली है. मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 1,371 परिवारों के लिए 75.60 करोड़ रुपये के विशेष पुनर्वास पैकेज की शुरुआत की है. प्रत्येक परिवार को आर्थिक स्वावलंबन के लिए 5 लाख रुपये की एकमुश्त क्षतिपूर्ति डीबीटी के माध्यम से दी जा रही है.

भुवनेश्वर: लंबे संघर्ष और चार दशक के इंतजार के बाद गंजाम जिले के गोलाबंध के नोलिया विस्थापित परिवारों को बड़ी राहत मिली है. मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गुरुवार को गोलाबंध में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में 1,371 विस्थापित परिवारों के लिए 75 करोड़ 60 लाख 30 हजार रुपये के विशेष पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन पैकेज की शुरुआत की. इस पैकेज के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को आर्थिक स्वावलंबन के लिए 5 लाख रुपये की एकमुश्त क्षतिपूर्ति डीबीटी के माध्यम से दी जा रही है. इसके लिए कुल 68.55 करोड़ रुपये निर्धारित किये गये हैं.

998 अधूरे मकानों को किया जाएगा पूरा

इसके अलावा, आवास निर्माण सहायता के लिए 4 करोड़ 25 लाख 10 हजार रुपये आवंटित किये गये हैं. इसके तहत 998 अधूरे मकानों को पूरा किया जायेगा, जबकि 10 नये घरों का निर्माण किया जायेगा. नयी कीर्तिपुर कॉलोनी में सड़क, स्ट्रीट लाइट, आंगनबाड़ी, मार्केट कॉम्प्लेक्स, सार्वजनिक शौचालय, चक्रवात आश्रय केंद्र और मछली पकड़ने वाली नौकाओं के लिए समुद्र तट के समतलीकरण सहित विभिन्न बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए 2.80 करोड़ रुपये से अधिक मंजूर किये गये हैं.

छेलिगड़ परियोजना के 96 परिवारों को जमीन के पट्टे

लाभुकों को सरकारी सहायता प्रदान करते मुख्यमंत्री माझी

कार्यक्रम के दौरान छेलिगड़ मध्यम सिंचाई परियोजना से विस्थापित 112 परिवारों में से पहले चरण में 96 परिवारों को घरबारी और कृषि भूमि के पट्टे सौंपे गये. इन परिवारों को दिगपहंडी के सांतारापुर में पुनर्वासित किया जा रहा है, जहां प्रत्येक परिवार को 10 डिसमिल घरबारी और दो एकड़ कृषि भूमि उपलब्ध करायी जा रही है. शेष परिवारों को भी जल्द पट्टे प्रदान किये जायेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि छेलिगड़ा परियोजना अगले वर्ष के अंत तक पूरी होने पर गंजाम और गजपति जिलों में 6,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि को सिंचाई सुविधा मिल सकेगी.

चार दशक पुरानी विस्थापन की समस्या का स्थायी समाधान

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गोलाबंध के लोगों का संघर्ष और त्याग असाधारण रहा है. वर्ष 1984 में आर्मी एयर डिफेंस कॉलेज के लिए जमीन हस्तांतरण के बाद से यह समस्या करीब चार दशकों से लंबित थी. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने इस लंबे समय से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया है. कार्यक्रम की शुरुआत में गोलाबंध की महिलाओं ने मुख्यमंत्री को राखी बांधकर उनका स्वागत किया. इसके बाद मुख्यमंत्री ने मंच पर लाभार्थियों को स्वयं जमीन के पट्टे वितरित किये.

समुद्री अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने पर जोर

मुख्यमंत्री ने गंजाम के समग्र विकास को लेकर ब्लू इकोनॉमी, अर्जिपल्ली फिशिंग पोर्ट के पुनर्विकास, 28 फिश लैंडिंग सेंटर की स्थापना, गोपालपुर बंदरगाह के विस्तार और बाहुदा में 21,500 करोड़ रुपये की लागत से नये मेगा पोर्ट के निर्माण की योजनाओं की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि गोपालपुर औद्योगिक पार्क में 40,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के जरिये 18,000 से ज्यादा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अगले दो वर्षों में पांच लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है.

विस्थापितों को जल्द सभी सुविधाएं देने का आश्वासन

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि लोगों की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित पुनर्वास परियोजना में तेजी लाने के लिए राजस्व विभाग ने विशेष ध्यान दिया है. खान एवं इस्पात मंत्री विभूति भूषण जेना, एमएसएमइ, मत्स्य एवं पशु संसाधन विकास मंत्री गोकुलानंद मल्लिक ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया.


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लेखक के बारे में

By भूमि शर्मा

भूमि शर्मा पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के साथ बतौर कंटेंट राइटर जुड़ी हुई हैं. वर्तमान में वह मुख्य रूप से जमशेदपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों की खबरों को कवर करती हैं. इससे पहले वह एजुकेशन बीट और झारखंड बीट पर भी काम कर चुकी हैं, जहां उन्होंने शैक्षणिक बदलावों और राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर लेखन किया है।

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