बामड़ा. एग्रीस्टैक आइडी और खरीफ धान पंजीकरण प्रक्रिया को लेकर किसानों का असंतोष बढ़ता जा रहा है. इसके विरोध में संबलपुर जिले के बामड़ा ब्लॉक स्थित गोविंदपुर, केशाईबहाल और गड़पोष लैंपस में गुरुवार को किसानों ने तालाबंदी कर धरना प्रदर्शन किया.
प्रक्रिया सरल नहीं की गयी, तो धान नहीं बेच सकेंगे किसान
किसानों का आरोप है कि एग्रीस्टैक पंजीकरण की प्रक्रिया जटिल होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. खासकर पैतृक और संयुक्त जमीन के रिकॉर्ड, भूमि मैपिंग तथा पंजीकरण से जुड़ी समस्याओं के कारण कई किसान चिंतित हैं. किसानों को आशंका है कि यदि प्रक्रिया सरल नहीं की गयी, तो आने वाले खरीफ सीजन में उन्हें मंडी में अपना धान बेचने में परेशानी हो सकती है. हालांकि राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि धान खरीद के लिए एग्रीस्टैक आइडी अनिवार्य नहीं है और किसान इसके बिना भी धान बिक्री के लिए पंजीकरण करा सकते हैं.
सरकार की नयी व्यवस्था का किया गया विरोध
गोविंदपुर लैंपस में योग बिहारी परिडा, लक्ष्मी नारायण छत्रिया, महावीर खंडेलवाल, असीम नायक, दिलीप छत्रिया, कुमार चंद्र पटेल, किरण नायक, प्रदीप पटेल, हिरेंन पात्र, रवि जयपुरिया, राजकुमार पटेल, विमल लाकड़ा और सुशांत माझी सहित अन्य किसान मौजूद रहे. वहीं केशाईबहाल लैंपस में निदेशक प्रकाश पटेल समेत द्रुपद किसान, सरोज पटेल, संतोष पटेल, प्रभुदत्त पटेल, चंद्रभानु सेठ, नीलाद्रि पटेल, उमाकांत साहू, राजकुमार नायक, रंजन पटेल और सिमोद पटेल सहित किसानों ने विरोध जताया. इसी तरह गड़पोष लैंपस में प्रकाश पटेल, खिरोद बेहेरा, गुरु चरण पटेल समेत अंचल के किसानों ने तालाबंदी कर सरकार की नयी व्यवस्था का विरोध किया.
धान खरीद के लिए पुरानी पंजीकरण व्यवस्था बहाल हो
किसानों की प्रमुख मांग है कि एग्रीस्टैक की प्रक्रिया को सरल किया जाये, धान खरीद के लिए पुरानी पंजीकरण व्यवस्था बहाल की जाये और किसी भी किसान को तकनीकी या पंजीकरण संबंधी समस्या के कारण धान बेचने से वंचित न किया जाये. किसानों का कहना है कि पहले धान बिक्री सुनिश्चित हो, उसके बाद डिजिटल प्रक्रिया को लेकर सरकार स्पष्ट और सरल व्यवस्था बनाये.
