Sambalpur News: बाबा धवलेश्वर और प्रभु मदन मोहन की मित्रता का अलौकिक नजारा देखने उमड़े हजारों श्रद्धालु
Sambalpur News: प्रसिद्ध बामड़ा मकर मेला महोत्सव में मकर संक्रांति के दिन बाबा धवलेश्वर और प्रभु मदनमोहन आपस में मित्र बने.
Sambalpur News: पश्चिमी ओडिशा में 110 वर्षों से मनाया जा रहा प्रसिद्ध बामड़ा मकर मेला महोत्सव में मकर संक्रांति के दिन बाबा धवलेश्वर और प्रभु मदनमोहन आपस में मित्र बने. मकर मिलन मैदान में आयोजित महोत्सव में यह अलौकिक नजारा देखने के लिए 20 हजार से अधिक श्रद्धालु मौजूद रहे.
5000 लोगों ने खींचा बाबा धवलेश्वर का रथ
प्रभु मदनमोहन बामड़ा स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर से रथ पर सवार होकर कीर्तन मंडली, दुलदुली, गाजे-बाजे के साथ नगर परिक्रमा कर मकर मिलन मैदान पहुंचे. वहीं केछुपानी गांव से बाबा धवलेश्वर के रथ को केछुपानी और आसपास के गांवों के 5000 महिला, पुरुष और बच्चों ने खींचा. सभी आठ किमी दूरी तय करके बामड़ा मकर मिलन मैदान पहुंचे. मैदान के फूलों से सुसज्जित मंच पर प्रभु मदनमोहन के प्रथम सेवक जमींदार वंशज संजीव पाल एवं बाबा धवलेश्वर के प्रधान सेवन केछुपानी गांव के गौंटिया सुनील नायक ने पंडितों के मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ मित्रता कराने की रस्म निभायी. राज्य के पंचायतीराज मंत्री रवि नारायण नायक, जिला परिषद चेयरमैन कुमुदिनी नायक एवं अन्य गणमान्य भी इस दिव्य नजारा के साक्षी बने एवं पूजा-अर्चना की. महोत्सव कमेटी की ओर श्रद्धालुओं के बीच तिल का लड्डू बांटा गया.
110 साल पुराना मकर मेला बामड़ा की अर्थनीति को कर रहा मजबूत : मंत्री
मंत्री रवि नारायण नायक ने कहा बामड़ा का रियासतकालीन 110 साल से चल रहे बामड़ा मकर मेला को अनोखा एवं अद्भुत बताया. मंत्री ने कहा कि यह मेला बामड़ा अंचल की अर्थनीति को भी मजबूत कर रहा है. 1996 में बामड़ा रियासत की राजकुमारी की कालाहांडी के महाराज से शादी के यादगार एवं शैव एवं वैष्णव संप्रदाय के बीच समन्वय बैठाने के लिए मकर मिलन परंपरा की शुरुआत की थी. 2018 से मकर मेला को सांस्कृतिक महोत्सव के तौर पर मनाया जा रहा है. महोत्सव कमेटी अध्यक्ष प्रफुल्ल कुमार नायक की अध्यक्षता में आयोजित समारोह का संचालन महासचिव ज्योति कुमार लाठ ने किया. कमेटी के इंद्रदेव चौधरी, महेंद्र चौधरी, संजय जैन, बीरबल पटेल, सुधीर राय, संजय मेहर, ओम खंडेलवाल, अरविंद साहू, बुटू महाराणा, दिनेश चौधरी, परमेश्वर साहू, अलेख बिस्वाल, विचित्र बिस्वाल समेत सभी सदस्यों ने इसमें सहयोग किया.
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