Jharsuguda News: झारसुगुड़ा शहर के सौंदर्यीकरण और सड़कों को चौड़ा रखने के लिए प्रशासन बार-बार सड़क किनारे खड़ी खराब कारों और अन्य वाहनों को हटाने की घोषणा कर रहा है, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. शहर के विभिन्न हिस्सों में सड़कों के किनारे पुराने वाहन मालिकों और व्यापारियों ने कब्जा जमा रखा है.
जिलाधीश ने नगर परिषद के समक्ष उठाया था मुद्दा
जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में इस मुद्दे पर बार-बार चर्चा हो चुकी है और जिला कलेक्टर और एसपी ने इस संबंध में कदम उठाने की घोषणा भी की है. लेकिन प्रशासन उन्हें हटाने में आनाकानी कर रहा है, जिस कारण जनता उनकी आलोचना कर रही है. हाल ही में हुई एक बैठक में जिलाधीश ने एक बार फिर नगर परिषद के समक्ष इस मुद्दे को उठाया. अधिकारियों, पुलिस और आरटीओ को कार्रवाई करने के आदेश दिये गये थे. लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. झारसुगुड़ा शहर के बेहेरामाल, बीटीएम, बॉम्बे चौक, सरबहाल आदि इलाकों में सड़क किनारे टूटी-फूटी कारों और अन्य वाहनों की अवैध पार्किंग की गयी है. ये वाहन वर्षों से सड़क पर पड़े हैं, लेकिन किसी ने कुछ नहीं किया. स्थानीय लोगों ने इन वाहनों को हटाने की मांग प्रशासन से की है.
वाहनों को सड़क से हटाने के लिए चलाया गया था अभियान
झारसुगुड़ा नगरपालिका के कार्यकारी अधिकारी मानस रंजन मलिक ने कहा कि हाल ही में जिला मजिस्ट्रेट के आदेशानुसार अतिरिक्त आरटीओ के साथ सड़क किनारे खड़ी खराब और बिक्री के लिए रखी कारों को हटाने का अभियान चलाया गया था. मरम्मत के बाद कुछ कारों को हटा दिया गया था. अन्य कारों को भी हटाने के लिए कार और गैराज मालिकों को नोटिस जारी किये गये हैं.
बेहरामाल इलाके में 5-6 कारों के मालिक की नहीं हुई है पहचान
झारसुगुड़ा के अतिरिक्त आरटीओ तपन बिस्वाल ने कहा कि बेहरामाल इलाके में एक गैराज के सामने खड़ी 5-6 कारों के मालिक नहीं मिले हैं. गैराज मालिकों को सूचना देने के बाद कुछ अन्य कारों को हटा दिया गया, लेकिन कई कारें अभी भी सड़क किनारे खड़ी हैं. बिक्री के लिए रखी पुराने कारों को हटाने के लिए संबंधित एजेंसी को निर्देश दे दिये गये हैं.
