राउरकेला/भुवनेश्वर : केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता जुएल ओराम ने शुक्रवार को उनके खिलाफ कथित राजनीतिक साजिश और दुष्प्रचार को लेकर कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग पैसे खर्च कर उनकी छवि खराब करने और पार्टी में उनकी राजनीतिक स्थिति को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं. केंद्रीय मंत्री ने अन्य दलों से भाजपा में शामिल हुए नेताओं पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे पैसे खर्च कर उन्हें अस्थिर करने और पार्टी के भीतर उनके खिलाफ नकारात्मक प्रचार करने में जुटे हैं.
मुझे कमजोर करने की हो रही कोशिश : जुएल
केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि हाल के दिनों में अन्य राजनीतिक दलों से भाजपा में शामिल हुए कुछ नेता उन्हें कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि वे पार्टी में अपने लिए राजनीतिक अवसर बना सकें और केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह की संभावनाएं तलाश सकें. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ जानबूझकर गलत सूचनाएं और नकारात्मक प्रचार फैलाया जा रहा है.
ओराम ने कहा कि मैंने इस पार्टी को अपने खून-पसीने से बनाया है और मैं पार्टी को अच्छी तरह जानता हूं. उन्होंने कहा कि संगठन ने उन्हें जो जिम्मेदारी और सम्मान दिया है, वह उनके लिए पर्याप्त और महत्वपूर्ण है.
एक बार फिर चुनावी मैदान में उतरूंगा
अपने खिलाफ कथित अभियान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ओराम ने कहा कि यदि उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया, तो वह इसका मजबूती से जवाब देंगे. उन्होंने यह भी घोषणा की कि पहले चुनाव नहीं लड़ने की बात कहने के बावजूद अब उन्होंने एक बार फिर चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया है.
उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि वह दोबारा चुनाव लड़ेंगे और यह देखेंगे कि उनके खिलाफ कौन काम कर रहा है. ओराम ने अपनी छवि खराब करने और उन्हें अपमानित करने के प्रयासों को लेकर कड़ी चेतावनी भी दी. हालांकि, उन्होंने इस दौरान अपने खिलाफ कथित साजिश में शामिल लोगों के प्रति बेहद आक्रामक और धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल किया.
प्रकाश की गिरफ्तारी के बाद विपक्षी दलों के निशाने पर हैं जुएल
पानपोष सर्किट हाउस से 14 अगस्त को पिस्तौल और कारतूस बरामदगी के मामले में प्रकाश पासवान की गिरफ्तारी के बाद से केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम विपक्षी दलों के निशाने पर हैं. प्रकाश पासवान केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम के जिला प्रतिनिधि हैं. इस मामले को लेकर न केवल राउरकेला, बल्कि पूरे राज्य की राजनीतिक हलचल बढ़ी हुई है. विपक्षी दलों ने जुएल ओराम पर इस मामले को लेकर निशाना साधा है.
