Rourkela News: संगठित अपराध के खिलाफ कानून प्रवर्तन ऑपरेशन्स के तहत क्योंझर पुलिस ने शनिवार को मवेशी तस्करी नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई शुरू की. पांच जिलों में फैले नेटवर्क के खिलाफ की गयी कार्रवाई में तस्करी के सरगनाओं के पास से बड़ी मात्रा में नकदी और अन्य संपत्ति जब्त की गयी. ये छापे क्योंझर, मयूरभंज, भद्रक, जाजपुर और कटक जिलों में 46 जगहों पर मारे गये. इस ऑपरेशन में दो एडिशनल एसपी, पांच डीएसपी, 25 इंस्पेक्टर और पुलिसकर्मियों की 18 प्लाटून शामिल थीं.
बड़ी जब्ती और गिरफ्तारियां
पुलिस अधीक्षक नितिन कुशालकर के अनुसार, छापे तस्करी माफिया के वित्तीय ढांचे को खत्म करने पर केंद्रित थे. ऑपरेशन के दौरान, पुलिस ने नौ लोगों को हिरासत में लिया और कीमती सामानों का एक बड़ा जखीरा बरामद किया, जिसमें एक करोड़ रुपये के लगभग नकदी, एक किलो सोना और 3 किलो चांदी के गहने, 24 वाहन शामिल हैं. संदिग्धों से जुड़े कई जमीन के दस्तावेज़ और बैंक खातों की भी जांच चल रही है. छापामारी का एक मुख्य केंद्र भद्रक में माफिया सरगना शेख ताजुद्दीन (उर्फ राजन) का घर था. अधिकारियों ने अकेले उसकी संपत्ति से 70 लाख रुपये से ज़्यादा नकद बरामद किये, साथ ही ऐसे दस्तावेज भी मिले जो एक शॉपिंग मॉल के मालिकाना हक का संकेत देते हैं.
सिंडिकेट के खिलाफ एडवांस्ड टेक्नोलॉजी इस्तेमाल कर रही पुलिस
क्योंझर पुलिस इस सिंडिकेट को स्थायी रूप से खत्म करने के लिए एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और नये कानूनी ढांचे का इस्तेमाल कर रही है. जांचकर्ताओं ने अवैध धन की आवाजाही को ट्रैक करने और अवैध व्यापार से हासिल की गयी संपत्ति की पहचान करने के लिए सरकार के नेटग्रिगड प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया. इस तरह के मामले में पहली बार, पुलिस भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 107 के तहत इन संपत्तियों को फ्रीज और जब्त करने की कार्रवाई कर रही है. यह धारा राज्य को संगठित अपराध से हासिल होने वाली संदिग्ध संपत्ति को जब्त करने की अनुमति देती है.
एक साल पहले की घटना से जुड़ा है मामला
यह ऑपरेशन एक साल पहले की एक घटना से जुड़ा है, जब कथित तौर पर मवेशी तस्करों ने पुलिस वाहनों पर हमला किया था और भागते समय अधिकारियों को कुचलने की कोशिश की थी. उस टकराव के बाद, पुलिस ने 20 से ज़्यादा मामले दर्ज किये और व्यापार के पीछे के मास्टरमाइंड की पहचान करने के लिए एक लंबी खुफिया जानकारी इकट्ठा करने का मिशन शुरू किया था. एसपी कुशालकर ने मीडिया से कहा कि हम यह सुनिश्चित करने को प्रतिबद्ध हैं कि क्योंझर और आसपास के जिलों में संगठित अपराध न पनपे. पुलिस ने संकेत दिया है कि आगे और भी छापेमारी हो सकती है. फिलहाल नेटवर्क से जुड़े बैंक रिकॉर्ड और ज़मीन के दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
