मुंबई हनीट्रैप केस: स्पा क्वीन प्रियंका ने SHO को बनाया शिकार, अश्लील वीडियो बनाकर मांगे 1 करोड़

मुंबई की स्पा संचालक प्रियंका चौधरी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. उन्होंने इंस्पेक्टर सूर्य प्रकाश सिंह को हनीट्रैप में फंसाकर अश्लील वीडियो के जरिए ब्लैकमेल किया और एक करोड़ रुपये की मांग की.

मुंबई की चर्चित स्पा संचालक प्रियंका चौधरी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोप है कि उन्होंने इंस्पेक्टर सूर्य प्रकाश सिंह को हनीट्रैप में फंसाया. उनसे एक करोड़ रुपये की मांग की गई थी. सूर्य प्रकाश सिंह वॉल्टरगंज थाने में SHO के पद पर तैनात थे और 29 अगस्त को उनकी आत्महत्या की खबर सामने आई थी. पुलिस अब पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है.

अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप

पुलिस के अनुसार, प्रियंका चौधरी ने इंस्पेक्टर सूर्य प्रकाश सिंह को अपने जाल में फंसाया और उनके साथ संबंध बनाने के बाद उसका वीडियो बना लिया. इसके बाद वीडियो के जरिए इंस्पेक्टर को ब्लैकमेल किया गया और करीब एक करोड़ रुपये की मांग की गई. मामले की जांच में पुलिस ने प्रियंका के साथ उसके पिता राम नयन चौधरी और वकील विजय प्रकाश यादव को भी गिरफ्तार किया है.


पिता और वकील पर भी गिरोह में शामिल होने का आरोप

जांच एजेंसियों का आरोप है कि प्रियंका अकेले इस ब्लैकमेलिंग नेटवर्क को नहीं चला रही थी. उसके पिता और वकील पर भी इस पूरे मामले में सहयोग करने का आरोप है. पुलिस अब तीनों की भूमिका, लेन-देन और इंस्पेक्टर से संपर्क से जुड़े सबूतों की जांच कर रही है. इस जांच में यह देखा जा रहा है कि क्या किसी खास बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर हुए या फिर इंस्पेक्टर से संपर्क के लिए कोई विशेष माध्यम इस्तेमाल किया गया था, जिससे इस गिरोह के काम करने के तरीके का पता चल सके.

पहले भी लोगों से पैसे ऐंठने का दावा

पुलिस की जांच में प्रियंका के पुराने मामलों की जानकारी भी सामने आई है. आरोप है कि करीब 10 साल पहले उसने अपने पति से अलग होने के बाद अपने पिता और वकील की मदद से इसी तरह का नेटवर्क चलाना शुरू किया. जांच एजेंसियों के मुताबिक, जबलपुर के एक कारोबारी, मकान मालिक और एक ड्राइवर से भी पैसे ऐंठने की कोशिश की गई थी. हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी.

इंस्पेक्टर की मौत ने खड़े किए कई सवाल

इंस्पेक्टर सूर्य प्रकाश सिंह की मौत के बाद सामने आए इन आरोपों ने ब्लैकमेलिंग और हनीट्रैप के मामलों पर गंभीर सवाल उठाए हैं. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इंस्पेक्टर पर कितना दबाव बनाया गया था और उनकी मौत से इस मामले का सीधा संबंध क्या था. पुलिस को शक है कि ब्लैकमेलिंग के सबूतों, जैसे कॉल रिकॉर्ड्स या मैसेज, और इंस्पेक्टर के आत्महत्या के समय मिले कुछ सुरागों के बीच कोई कनेक्शन हो सकता है.

जेंडर-न्यूट्रल कानून की मांग को लेकर प्रदर्शन

इस मामले के सामने आने के बाद कुछ पुरुष अधिकार संगठनों ने कानूनों के दुरुपयोग और जेंडर-न्यूट्रल कानूनों की मांग उठाई है. आयोजकों ने 2 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर दोपहर 1 बजे प्रदर्शन का आह्वान किया है. "हम चाहते हैं कि कानून का इस्तेमाल किसी को ब्लैकमेल या परेशान करने के लिए न हो," एक आयोजक ने कहा. "ऐसे मामलों में, पीड़ित की शिकायत को पूरी गंभीरता से सुना जाना चाहिए, चाहे वो कोई भी हो."

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By सत्येन्द्र गिरि

सत्येन्द्र गिरि प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों से जुड़ी खबरों का लेखन करते हैं. सरल, तथ्यात्मक और पाठक-केंद्रित लेखन उनकी प्रमुख पहचान है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन मास कम्युनिकेशन (बैच 2023–25) की डिग्री प्राप्त की है.

पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, रिपोर्टिंग और समसामयिक विषयों की गहन समझ विकसित की. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास एक वर्ष का पेशेवर अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला के गोरखपुर एडिशन से की, जहां समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बारीकियों को नजदीक से सीखने और समझने का अवसर मिला. इसके बाद उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए प्रभात खबर डिजिटल से जुड़कर देश-विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य शुरू किया.

सत्येन्द्र की विशेष रुचि इतिहास, अंतरराष्ट्रीय संबंध, राजनीति, कूटनीति और समसामयिक घटनाक्रम से जुड़े विषयों में है. वे जटिल और गंभीर मुद्दों को भी सरल, संतुलित और विश्वसनीय तरीके से प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं. राष्ट्रीय और वैश्विक घटनाओं पर उनकी गहरी नजर रहती है तथा वे तथ्यपरक और निष्पक्ष पत्रकारिता को अपनी कार्यशैली का आधार मानते हैं. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के निवासी हैं.

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