Maharashtra: मुंबई के संबंध में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की टिप्पणी को लेकर महाराष्ट्र में सियासी विवाद खड़ा हो गया है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शनिवार को कहा कि वह राज्यपाल के बयान ने सहमत नहीं है. सीएम शिंदे ने कहा कि मुंबई शहर के विकास में मराठी लोगों द्वारा किए गए योगदान को कभी भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि राज्यपाल एक संवैधानिक पद पर आसीन हैं और उन्हें अपने बयानों से किसी को भी ठेस न पहुंचाने के प्रति सतर्क रहना चाहिए.
मुंबई और मराठी लोगों का अपमान कोई नहीं कर सकता: शिंदे
सीएम शिंदे ने नासिक जिले के मालेगांव में पत्रकारों से कहा कि मुंबई के संबंध में राज्यपाल कोश्यारी के विचार से उनका निजी विचार है. उन्होंने अब एक स्पष्टीकरण जारी किया है. वह एक संवैधानिक पद पर हैं और उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि उनकी टिप्पणियों से दूसरों को ठेस न पहुंचे. उन्होंने कहा कि मराठी समुदाय की कड़ी मेहनत ने मुंबई के विकास और प्रगति में योगदान दिया है. मुंबई में मराठी लोगों ने अपनी पहचान और गौरव को बरकरार रखा है और इसका अपमान नहीं किया जाना चाहिए. सीएम ने कहा कि मुंबई और मराठी लोगों का अपमान कोई नहीं कर सकता. मुंबई शहर ने कई आपदाओं का सामना किया, लेकिन यह कभी नहीं रुकता, यह चौबीसों घंटे काम करता रहता है और हजारों लोगों को रोजगार व आजीविका देता है.
उद्धव ठाकरे ने की राज्यपाल की टिप्पणी की निंदा
वहीं, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुंबई के संबंध में की गई अपनी टिप्पणी पर माफी मांगने की मांग करते हुए कहा कि अब यह तय करने का समय आ गया है कि उन्हें घर वापस भेजा जाये या जेल भेजा जाये. ठाकरे ने राज्यपाल पर मुंबई और ठाणे में शांति से रह रहे हिंदुओं का ध्रुवीकरण करने का भी आरोप लगाया. उद्धव ठाकरे ने कहा कि मराठी लोगों के खिलाफ राज्यपाल के मन में जो नफरत है, वह अनजाने में सामने आ गई है. उन्होंने मांग की कि राज्यपाल मराठी लोगों से माफी मांगें.
डिप्टी सीएम ने दी ये प्रतिक्रिया
इस बीच, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने धुले में पत्रकारों से कहा कि मराठी भाषी लोगों का महाराष्ट्र के विकास में अहम योगदान है. पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने कहा कि यहां तक कि औद्योगिक क्षेत्र में भी मराठी भाषी लोगों ने वैश्विक प्रगति की है. हम राज्यपाल की टिप्पणी से सहमत नहीं हैं.
जानिए पूरा मामला
राज्यपाल कोश्यारी ने शुक्रवार शाम यहां एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि मुंबई में यदि गुजराती और राजस्थानी लोग नहीं रहेंगे तो यहां पैसा बचेगा ही नहीं और यह देश की आर्थिक राजधानी नहीं रहेगी. इस टिप्पणी को लेकर हुए विवाद के बाद राज्यपाल ने शनिवार को कहा कि उनकी टिप्पणियों को गलत समझा गया है. उन्होंने कहा कि उनका मराठी भाषी लोगों की कड़ी मेहनत को कमतर करने का कोई इरादा नहीं था.
