Madhya Pradesh: शिवराज सरकार पर कमलनाथ का बड़ा हमला, कहा- एमपी में न चीते सुरक्षित हैं, न ही महिलाएं..

कूनो में मंगलवार को हुई चीता तेजस पर मौत को लेकर मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने शिवराज सरकार पर निशाना साधा है. कमलनाथ ने कहा है कि प्रदेश में अराजकता का माहोल है, यहां न तो चीते सुरक्षित हैं और न ही महिलाएं और न आदिवासी समुदाय.

Madhya Pradesh: मध्यप्रदेश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है. मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने सीएम शिवराज सिंह चौहान पर बड़ा हमला किया है. उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में न तो चीते सुरक्षित हैं और न महिलाएं और न ही आदिवासी समुदाय. कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश में हर ओर अराजकता का माहौल है. कमलनाथ ने कहा कि राज्य में चाहे चीतों का मुद्दा हो या आदिवासियों का सुरक्षा की उचित व्यवस्था कहां है. यह देखकर बहुत दुख होता है कि मध्यप्रदेश को किस दिशा में घसीटा जा रहा है.

कल हुई थी एक और चीते की मौत
गौरतलब है कि बीते मंगलवार को प्रदेश में एक और चीते तेजस की मौत हो गई थी. तेजस की मौत के बाद केएनपी में मरने वाले चीतों की संख्या बढ़कर सात हो गई है. चीतों की लगातार मौत चीता पुनरुद्धार कार्यक्रम 2022 के लिए एक बड़ा झटका है. बता दें, मंगलवार को घंटों बेहोश रहने के बाद चीता तेजस ने दम तोड़ दिया था. बताया जा रहा है, मॉनिटरिंग टीम को तेजस घायल अवस्था में मिला था, जिसके बाद उसका काफी इलाज किया गया, लेकिन अंततः उसे बचाया नहीं जा सका. इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई.

कूनो में अब तक 4 चीते और 3 शावकों की हो चुकी है मौत
चीता तेजस की कूनो में मौत चीता पुनरुद्धार कार्यक्रम के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. दरअसल कूनो नेशनल पार्क में इसी साल मार्च महीने से लेकर अब तक सात चीतों की मौत हो चुकी है. चीतों की मौत में चीता ज्वाला के तीन शावक भी शामिल हैं. चीता ज्वाला ने इस साल मार्च में केएनपी में चार शावकों को जन्म दिया था, जिनमें से तीन शावकों की मौत हो चुकी है.

Also Read: Himachal Flood: हिमाचल में तबाही की बारिश, अबतक 88 लोगों की मौत, 4000 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >