मझगांव : पश्चिमी सिंहभूम के मझगांव प्रखंड क्षेत्र में शनिवार देर शाम आये आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचायी है. प्रखंड के धोबाधोबिन अंतर्गत कुकुरसुड गांव में शनिवार रात में रुपा गुइयां के मकान पर एक पुराना महुआ का पेड़ अचानक जड़ से उखड़कर गिर गया. इस हादसे में मकान का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. इसके मलबे में घर के अंदर सो रही एक गर्भवती महिला और उसके दो मासूम बच्चे दब गये.
रात 9 बजे चीख-पुकार सुन दौड़े ग्रामीण
गांव के युवक सागर तिरिया ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि रात लगभग 9 बजे जोरदार आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे. ग्रामीणों ने देखा कि रुपा के घर के ऊपर विशाल महुआ का पेड़ गिरा हुआ था. मलबे के अंदर से चीख-पुकार की आवाजें आ रही थीं. ग्रामीणों ने साहस का परिचय देते हुए किसी तरह क्षतिग्रस्त घर के अंदर प्रवेश किया और मलबे में दबे रुपा की पत्नी व दोनों बच्चों को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला.
पेट और कमर में लगी गंभीर चोट
पेड़ गिरने से मलबे में दबी रुपा की गर्भवती पत्नी सिनी गुइया को पेट, कमर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें लगी हैं. हादसे के बाद आनन-फानन में ग्रामीणों ने निजी वाहन की व्यवस्था की और रात लगभग 10:30 बजे घायल महिला को मझगांव सीएचसी ले गये. वहां मौजूद चिकित्सक डॉ सनातन चातार ने महिला का प्राथमिक उपचार किया, लेकिन उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए तत्काल सदर अस्पताल चाईबासा रेफर कर दिया. घायल गर्भवती महिला की स्थिति लगातार नाजुक बनी हुई है. रविवार सुबह लगभग आठ बजे सदर अस्पताल चाईबासा के डॉक्टरों ने भी महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए टाटा रेफर कर दिया, जहां उसका उपचार जारी है. मलबे में दबे दोनों बच्चों को प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गयी है. उनकी स्थिति पूरी तरह बेहतर है.
