नोवामुंडी से सुबोध मिश्रा की रिपोर्ट
West Singhbhum News: पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी प्रखंड अंतर्गत कादाजामदा पंचायत में एक प्रेरणादायक घटना सामने आई है, जहां ग्रामीणों की सतर्कता और मानवीय संवेदनशीलता ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया. दो दिनों से लापता 65 वर्षीय शारदा देवी को सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचा दिया गया. इस घटना ने यह साबित कर दिया कि यदि समाज जागरूक और जिम्मेदार हो, तो कई संकटों को टाला जा सकता है.
बस से उतरीं, लेकिन घर नहीं पहुंच पाईं
जानकारी के अनुसार, नोवामुंडी निवासी स्वर्गीय करूणाकर बारिक की पत्नी शारदा देवी गुरुवार को ओडिशा के पानिकोइली से बस के जरिए नोवामुंडी के लिए रवाना हुई थीं. बड़बिल बस स्टैंड पर उतरने के बाद वे किसी कारणवश अपने घर नहीं पहुंच सकीं. जब देर तक उनका कोई पता नहीं चला, तो परिजन चिंतित हो उठे और उनकी खोजबीन शुरू कर दी.
मुन्ना दास ने दिखाई तत्परता
इसी दौरान गांव के मुन्ना दास की नजर सड़क किनारे भटक रही एक वृद्ध महिला पर पड़ी. उन्होंने स्थिति को समझते हुए जिम्मेदारी का परिचय दिया और बिना देर किए इसकी सूचना ग्राम पंचायत के मुखिया हीरा मोहन पुरती को दी. उनकी यह पहल पूरे घटनाक्रम में अहम साबित हुई.
मुखिया की सक्रिय भूमिका से मिली पहचान
मुखिया हीरा मोहन पुरती ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की. उन्होंने प्रभात खबर के प्रतिनिधि को सूचना दी और महिला की पहचान सुनिश्चित कराने में जुट गए. महिला की तस्वीर का मिलान करने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि वह लापता शारदा देवी ही हैं. इसके बाद तुरंत उनके परिजनों को इसकी जानकारी दी गई.
परिजनों से मिलकर भावुक हुआ परिवार
सूचना मिलते ही संतोष बारिक अपने सहयोगियों के साथ गांव पहुंचे. अपनी बड़ी मां को सकुशल देखकर वे भावुक हो उठे. ग्रामीणों ने इन दो दिनों के दौरान शारदा देवी की देखभाल की, उन्हें भोजन और पानी उपलब्ध कराया और पूरी तरह सुरक्षित रखा. इस दौरान गांव के लोगों ने एक परिवार की तरह उनका ख्याल रखा.
ग्रामीणों के सहयोग से बनी मिसाल
इस सराहनीय कार्य में मुन्ना दास के साथ सोमवारी लागुरी, डोबरो चातार और मुना चातार की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही. सभी ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि बुजुर्ग महिला को किसी प्रकार की परेशानी न हो. यह घटना ग्रामीण एकजुटता और मानवीयता का बेहतरीन उदाहरण बन गई है.
पहले की घटना से लिया सबक
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले इसी पंचायत में एक अज्ञात व्यक्ति को बच्चा चोर समझकर भीड़ ने पीट दिया था. लेकिन इस बार ग्रामीणों ने उस घटना से सबक लेते हुए पूरी समझदारी और संवेदनशीलता का परिचय दिया. बिना किसी अफवाह पर ध्यान दिए उन्होंने सही कदम उठाया और एक सकारात्मक उदाहरण पेश किया.
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मानवता और जागरूकता का संदेश
इस पूरे घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि यदि समाज में जागरूकता और सहयोग की भावना हो, तो कई बड़ी घटनाओं को रोका जा सकता है. नोवामुंडी के कादाजामदा पंचायत के ग्रामीणों ने यह साबित कर दिया कि इंसानियत आज भी जिंदा है और जरूरत पड़ने पर लोग एक-दूसरे के लिए आगे आते हैं. यह घटना न केवल एक परिवार के लिए राहत भरी खबर है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश भी है.
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